जालंधर (अमन बग्गा): विदेश जाकर उज्ज्वल भविष्य संवारने का सपना देखने वाले दर्जनों नौजवानों और उनके परिवारों के साथ जालंधर में भवनूर सिंह बेदी की ट्रैवल एजेंसी द्वारा बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय पिरामिड ई-सर्विस नामक इमिग्रेशन फर्म के कार्यालय के बाहर मंगलवार को भारी संख्या में पहुंचे पीड़ितों ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एजेंसी ने उनसे स्टडी वीजा और पीआर के नाम पर 65 लाख रुपये तक वसूले, लेकिन किसी को फर्जी कॉलेज भेज दिया तो किसी को पैसे ऐंठने के बाद टरका दिया। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब दफ्तर के कर्मचारी जवाब देने के बजाय मौके से भागते नजर आए। जबकि प्रदर्शनकारियों ने HR को काबू कर लिया है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि किसी से 70 लाख, किसी से 16 लाख और किसी से 6 लाख, 4 लाख रुपए के ठगी के आरोप हैं।
कनाडा के फर्जी कॉलेज में फंसी छात्रा, 2 साल की पढ़ाई और लाखों रुपये दांव पर
प्रदर्शन में शामिल पीड़िता सुखविंदर कौर ने बताया कि उनकी बेटी नवजीत कौर को कनाडा के कैलगरी में स्थित ‘पटाज कॉलेज’ का स्टडी वीजा दिया गया था। वहां पहुंचने के बाद पता चला कि यह संस्थान जालंधर के ही एक एजेंट द्वारा अवैध रूप से चलाया जा रहा था। पूरे दो साल पढ़ाई करने के बाद भी छात्रा को न तो वर्क परमिट मिल पा रहा है और न ही क्रेडिट ट्रांसफर की अनुमति। अब छात्रा को नए सिरे से दोबारा दो साल की पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे परिवार के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया वीजा के नाम पर 65 लाख की धोखाधड़ी, 2 साल से दफ्तर के चक्कर
ठगी के शिकार युवक नवनीत कुमार ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2026 में ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा के लिए आवेदन किया था। एजेंसी ने कागजात और फीस के नाम पर उनसे करीब 65 लाख रुपये हड़प लिए। आठ महीने तक लगातार लटकाने के बाद वीजा जारी होने की सूचना दी गई, लेकिन अगले ही दिन बिना कोई वैध कारण बताए उसे ‘होल्ड’ पर डाल दिया गया। पीड़ित का कहना है कि पिछले दो साल से वह लगातार दफ्तर के चक्कर काट रहा है, मगर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी संतोषजनक जवाब देने को तैयार नहीं है।
शारजाह का झांसा देकर युवती को भेजा ओमान, 4 महीने पहले हुई संदिग्ध मौत
धरने के दौरान एक रोती-बिलखती मां ने एजेंसी पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए। महिला का कहना था कि उसकी 22 वर्षीय बेटी को शारजाह (UAE) भेजने का झांसा देकर धोखे से ओमान भेज दिया गया था। वहां पहुंचने के कुछ समय बाद, चार महीने पहले उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पीड़िता की मां का आरोप है कि ट्रैवल एजेंसी के एजेंट और अधिकारी रसूखदारों के साथ मिलकर मामले को दबाने और खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने में जुटे हुए हैं।
जिम्मेदार कर्मचारी दफ्तर छोड़कर भागे, पुलिस ने दर्ज की शिकायत
पीड़ित परिवारों के अनुसार, जब वे शांतिपूर्ण ढंग से बात करने अंदर पहुंचे तो एजेंसी के मुख्य कर्मचारी सुनील, निताशा और काजल जवाबदेही से बचने के लिए पिछले दरवाजों से भाग खड़े हुए। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी लिखित शिकायतों के आधार पर दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं पीड़ितों ने साफ चेतावनी दी है कि इंसाफ न मिलने पर वे संघर्ष को और तेज करेंगे।
इस पूरे मामले में लग रहे सभी आरोपों की हम पुष्टि नहीं करते हैं।
इस पूरे मामले में भवनूर सिंह बेदी का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया, यदि वह इस मामले में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो वह हमारे नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उनका पक्ष भी पूरी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। ( अमन बग्गा – 9876410210)


Victims’ anger erupts at the Pyramid e-Services office in Jalandhar; employees flee the premises




