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जालंधर में सफाईकर्मियों की बड़ी जीत: सैकड़ों धरनों प्रदर्शनों हड़तालों भरे संघर्ष के बाद आखिरकार सरकार ने टेके घुटने, 1196 सफाई सेवकों की भर्ती पर लगी मुहर

जालंधर (अमन बग्गा): पंजाब की मान सरकार को आखिरकार सफाई कर्मचारियों की एकजुटता और कई वर्षो के लंबे संघर्ष के आगे झुकना ही पड़ा।यह जालंधर के सफाईकर्मियों की एक ऐतिहासिक जीत है। सैकड़ों धरनों, प्रदर्शनों और हड़तालों के बड़े संघर्ष के बाद सरकार पर पड़े भारी दबाव के बाद सरकार ने घुटने टेक दिए है और कई वर्षों बाद 1196 सफाई सेवकों को इंसाफ मिला है। सरकार ने 1196 सफाईकर्मियों की भर्ती पर मुहर लगा दी। यह फैसला सरकार की कोई दरियादिली नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मचारियों के पसीने और संघर्ष का नतीजा है, जिन्होंने अपनी जायज मांगों के लिए प्रशासन की ईंट से ईंट बजा दी थी।

जालंधर नगर निगम में पिछले 35 सालों से भर्तियों पर अघोषित रोक लगी हुई थी। शहर का दायरा बढ़ता गया, आबादी कई गुना हो गई, लेकिन मान सरकार और उनका प्रशासन कुंभकरणीय नींद सोया रहा। सफाई कर्मचारी यूनियन और स्थानीय नेता लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते रहे लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही थी। सफाई कर्मियों और दलित नेताओं के नेतृत्व में हुए तीखे आंदोलनों और लगातार बनाए गए दबाव ने सरकार की नाक में दम कर दिया था, जिसके बाद मजबूर होकर लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट को यह मंजूरी जारी करनी पड़ी।

कर्मचारी नेताओं का साफ कहना है कि अगर उन्होंने हड़तालों का रास्ता न अपनाया होता और सरकार को आईना न दिखाया होता, तो शायद यह फाइल आज भी चंडीगढ़ के सरकारी दफ्तरों में धूल फांक रही होती।

इस ऐतिहासिक जीत के तहत अब निगम में सफाई सेवकों, सीवरमैन, मालियों और फिटर कुली जैसी श्रेणियों में 1196 खाली पद भरे जाएंगे। यह भर्ती शहर की सफाई व्यवस्था के लिए संजीवनी तो है ही, साथ ही यह उन संघर्षशील नेताओं की बड़ी जीत है जिन्होंने हार नहीं मानी। यह मंजूरी साबित करती है कि मौजूदा सरकार कर्मचारियों की जायज मांगें आसानी से नहीं मानती, बल्कि उसे मनवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है। तीन दशकों के बाद मिली यह कामयाबी जालंधर के सफाई कर्मचारियों के उस जज्बे की जीत है, जिसने सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों को फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।

वहीं आपको बता दें कि सफाई कर्मचारी कमीशन पंजाब के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दिलाने में अहम भूमिका अदा की है जिसके लिए सफाई कर्मचारियों की तरफ से चंदन ग्रेवाल का आभार व्यक्त किया जा रहा हैं।

Great news for Jalandhar: After a long wait of 35 years, the recruitment of 1196 sanitation workers has been approved.