You are currently viewing जालंधर में आखिर किसकी ‘मेहरबानी’ से दोबारा खुल गया सील किया गया Cloudnine Hospital? नियमों की उड़ती धज्जियां! मेयर वनीत धीर ने मूंद लीं आंखें?” कमिश्नर मौन? कटघरे में MTP की पारदर्शिता!

जालंधर में आखिर किसकी ‘मेहरबानी’ से दोबारा खुल गया सील किया गया Cloudnine Hospital? नियमों की उड़ती धज्जियां! मेयर वनीत धीर ने मूंद लीं आंखें?” कमिश्नर मौन? कटघरे में MTP की पारदर्शिता!

जालंधर (अमन बग्गा): शहर की पॉश कॉलोनी न्यू जवाहर नगर में नए खुलने जा रहे मैटरनिटी एंड चाइल्डकेयर क्लाउड 9 अस्पताल (Cloud 9 Hospital) एक बार फिर से विवादों में आ गया हैं। दरअसल गुरु अमर दास पार्क वैल्फेयर सोसायटी द्वारा पंजाब प्रेस क्लब में आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निवासियों ने नियमों की धज्जियां उड़ा रहे क्लाऊड-9 अस्पताल पर कड़ा विरोध जताया है।

निवासियों ने बताया कि इस संबंध में 10 नवंबर 2025 को Cloud 9 Hospital के खिलाफ दी गई शिकायत के बाद मेयर वनीत धीर और कमिश्नर संदीप ऋषि ने बिल्डिंग ब्रांच को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे जिस के बाद एम.टी.पी. मेहरबान सिंह और ए.टी.पी. रविंद्र की अगुवाई में निगम की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण में पाया कि अस्पताल की बिल्डिंग में पार्किंग की सुविधा नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में पूरे इलाके में ट्रैफिक और पार्किंग की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। वही अस्पताल की ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग के लिए आरक्षित जगह पर निर्माण किया गया था, और पार्किंग की सुविधा नहीं थी जिस के बाद निगम अधिकारियों ने अस्पताल को सील कर दिया था।

आखिर किसकी ‘मेहरबानी’ से दोबारा खुल गया सील किया गया क्लाऊड-9 अस्पताल?

बड़ा सवाल यह हैं कि क्या क्लाऊड-9 अस्पताल का अवैध निर्माण “किसी बड़े संरक्षण” में चल रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने जिस अस्पताल को नियम उल्लंघन के चलते सील किया था, वही इमारत कुछ दिनों बाद बिना किसी लिखित आदेश, बिना जांच रिपोर्ट और बिना प्रशासनिक मंजूरी के ‘चुपचाप’ दोबारा खोल दी गई।

बड़े सवाल यह है कि सील हटाने का आदेश किस आधार पर दिया गया ? किस अधिकारी के आदेश पर सील खोल दी गई। कौन कौन से अधिकारियों के फाइल पर हस्ताक्षर हुए? क्या निगम की तरफ से पूरी तरह से जांच की गई है कि अस्पताल की तरफ से अब किसी तरह से नियमों का कोई भी उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। क्या जालंधर के मेयर वनीत धीर और निगम कमिश्ननर संदीप ऋषि मीडिया को इन सवालों के जवाब देंगे। या फिर उन के पास भी सवालों के कोई जवाब नहीं हैं।
वही इस पुरे मामले में मेयर और कमिश्ननर की प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों की उड़ रही धज्जिययों पर मेयर वनीत धीर ने क्या आंखे मूंद लीं है?” और निगम कमिश्नर भी इस पुरे मामले पर मौन क्यों हैं?
वही MTP की पारदर्शिता पर भी सवाल खडे हो रहे!

नागरिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर भी गंभीर खतरा

निवासियों ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जिस जगह अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, वह सड़क पहले ही बेहद संकरी और अत्यधिक व्यस्त है। अस्पताल के पास न पार्किंग की सुविधा है और न ही ट्रैफिक के लिए कोई वैकल्पिक प्रबंधन। ऐसे में एंबुलेंस, मरीजों और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प पड़ सकती है। यह स्थिति न सिर्फ ट्रैफिक जाम का कारण बनेगी बल्कि नागरिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर भी गंभीर खतरा खड़ा कर देगी।

लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील स्थान पर पार्किंग को लेकर उड़ रही नियमों की धज्जियां प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। इसलिए अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, बिना मंजूरी हटाई गई सील की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए, भवन योजना की असली स्थिति सार्वजनिक की जाए और जब तक सभी कानूनी व सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित न हो—अस्पताल को संचालन की अनुमति किसी भी सूरत में न दी जाए।

वही इस पुरे मामले में अस्पताल प्रबंधक से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया है। अस्पताल अगर इस पुरे मामले में कोई अपना पक्ष रखना चाहे तो हम से सम्पर्क कर सकता हैं। 9876410210… हम अस्पताल का पक्ष भी प्रमुखता से रखेंगे।