जालंधर (अमन बग्गा): जालंधर का बेहद चर्चित फर्जी डिग्री कांड सवालों के घेरे में बना हुआ हैं। वर्ष 2024 में ग्रीन पार्क की कोठी नंबर 96ए पर छापा मारते हुए जालंधर पुलिस ने आरोपी पुष्कर गोयल निवासी फत्तू ढींगा (कपूरथला) और वरिंदर कुमार को गिरफ्तार किया था इस मोके 196 फर्जी डिग्रियां 53 स्टांप, 16 पासपोर्ट, छह लैपटॉप, तीन प्रिंटर, एक स्टांप बनाने की मशीन और आठ मोबाइल फोन बरामद किए थे वही गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी पुष्कर गोयल से पूछताछ के बाद पुलिस ने FIR में जालंधर की A ACADEMY के साथ साथ कई ट्रेवल एजेंटो के नाम दर्ज किए थे लेकिन पूर्व कमिश्नर के करीबी रहे एक भ्रष्टाचारी ACP की मिलीभगत से सारा मामला ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया।
वही आप को बता दे कि आरोपियों से इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट समेत कई कोर्स की फर्जी डिग्रियां बरामद हुई थी जांच में पाया गया था कि अनेकों ट्रेवल एजेंटो के इस गिरोह के साथ संबंध थे और वो पुष्कर गोयल से स्टूडेंटस के लिए फर्जी डिग्रीयां बनवाते थे।
ईमानदारी का राग अलापने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार भी इस पुरे मामले में चुप्पी साधी हुई हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जालंधर के पुलिस कमिश्ननर धनप्रीत कौर की तरफ़ से आरोपी ट्रेवल एजेंटो के खिलाफ अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही जांच में कोई ठोस प्रगति दिखाई दे रही है।
ट्रेवल एजेंटो से कई पीड़ित परिवार पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन फाइलें धूल खाती नज़र आ रही हैं।
लोगों में यह सवाल ज़ोर पकड़ रहा है कि जब जांच में बड़े एजेंटों के नाम स्पष्ट हो चुके थे तो पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई रुकी क्यों ? आखिर किसके दबाव में और कितने रुपये लेकर ट्रेवल एजेंटो का नाम एफआईआर से निकाला गया।
स्थानीय नागरिकों और छात्रों के परिवारों का कहना है कि इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन की चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा कर रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार तुरंत SIT या किसी उच्च अधिकारी से इसकी जांच करवाए ताकि इस गिरोह के जरिये फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने वाले उन ट्रेवल एजेंटो पर भी एक्शन हो सके जिन्होने फर्जी डिग्री के नाम पर स्टूडेंट्स से करोड़ों की लूट मचाई।
अब देखना होगा कि पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर क्या इस पुरे मामले में सभी आरोपी ट्रैवल एजेंट पर नकेल कस पाते हैं या सारा मामला ठंडा बस्ते में ही पड़ा रहेगा।

Jalandhar Certificate Scam: Police Probe Shelved; AAP Silence Fuels Cover-Up Claims








