चंडीगढ़: पंजाब की मंडियों में गेहूं की खरीद और लिफ्टिंग में हो रही भारी देरी ने अब किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। अपनी फसल लेकर हफ्तों से मंडियों में बैठे अन्नदाताओं ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और अब सीधे रेल रोकने का बड़ा ऐलान कर दिया है। इसके विरोध में आज किसान पंजाब के 18 जिलों में रेलवे ट्रैक पर डेरा डालेंगे और पूरी तरह से ट्रेनों का चक्का जाम करेंगे। किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के कड़े आह्वान पर पूरे प्रदेश भर में यह उग्र ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू किया जा रहा है।
मंडियों में बदहाली से भारी आक्रोश
किसानों और उनके नेताओं का सीधा आरोप है कि सरकार और प्रशासन की तरफ से जानबूझकर गेहूं की खरीद में सुस्ती बरती जा रही है। मंडियों में हालात इस कदर खराब हैं कि बारदाने (बोरियों) की भारी किल्लत है और खरीदी गई फसल की लिफ्टिंग नहीं हो पा रही है। इस वजह से किसान अपनी खून-पसीने की कमाई लेकर खुले आसमान के नीचे हफ्तों से इंतजार करने को मजबूर हैं। जगराओं में आयोजित हुई किसानों की विशाल महापंचायत में नेताओं ने सख्त लहजे में ऐलान किया था कि फसल में नमी का बहाना बनाकर किसानों का शोषण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक मंडियों में खरीद व्यवस्था और लिफ्टिंग की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई जाती, तब तक पटरियों पर उनका यह प्रदर्शन बदस्तूर जारी रहेगा।
किसानों के उग्र होते आंदोलन के बीच केंद्र का एक्शन, FCI के नियमों में दी गई ढील
पंजाब में किसानों के इस भड़कते गुस्से और उनकी मांगों को देखते हुए केंद्र सरकार भी तुरंत हरकत में आ गई है। इस पूरे मसले पर राहत भरी खबर देते हुए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया है कि केंद्र सरकार ने किसानों की इस समस्या का तत्काल समाधान करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) को आदेश जारी कर दिए हैं। इन कड़े निर्देशों के बाद एफसीआई ने भी बड़ा कदम उठाते हुए गेहूं खरीद के मानकों में फौरी तौर पर छूट दे दी है। सरकार की कोशिश है कि इस छूट के जरिए खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और किसानों को राहत मिले।

Train wheels to come to a halt in Punjab today; farmers, enraged over wheat procurement








