जालंधर: पंजाब के लोगों के लिए आज की रात थोड़ी अलग और सतर्क रहने वाली होगी। राज्य भर में आज 15 मिनट के लिए पूरी तरह से ब्लैकआउट किया जाएगा, जिसके चलते हर तरफ घुप्प अंधेरा छा जाएगा। आज रात ठीक 8 बजे से लेकर 8.15 बजे तक सभी घरों, बाजारों और इमारतों की लाइटें बंद रखने का निर्देश दिया गया है। लोगों को अलर्ट करने के लिए विशेष रूप से सायरन भी बजाए जाएंगे। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर युद्ध जैसे किसी भी आपातकालीन हालात से निपटने के लिए यह एक अहम मॉक ड्रिल करवाई जा रही है। इस अभ्यास से पहले सभी जिलों में अलग-अलग जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत देने का भी अभ्यास किया जाएगा। वहीं जालंधर में यह मॉक ड्रिल पूरे जिले में नहीं, बल्कि सीमित क्षेत्र में होगी। खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में रात 8:00 बजे ब्लैकआउट किया जाएगा।
जनरेटर, इनवर्टर और टॉर्च जलाने पर भी रहेगी सख्त पाबंदी
ब्लैकआउट के इस 15 मिनट के समय में नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इस दौरान घर की लाइटों के साथ-साथ जनरेटर, इनवर्टर और यहां तक कि टॉर्च के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। इस मॉक ड्रिल को बिल्कुल वास्तविक बनाने के लिए पावरकॉम की तरफ से प्रमुख बाजारों, सरकारी भवनों और सभी आवासीय कॉलोनियों में कुछ समय के लिए बिजली की सप्लाई रोक दी जाएगी। इस पूरी ड्रिल के खत्म होने पर लगातार दो मिनट तक सायरन बजाया जाएगा, जो ‘ऑल क्लियर’ यानी स्थिति सामान्य होने का संकेत होगा। इसके बजने के बाद ही लोग अपनी लाइटें चालू कर सकेंगे और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
सरकार की अपील- घबराएं नहीं, यह सिर्फ एक मॉक ड्रिल है
इस ब्लैकआउट को लेकर पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने राज्य की जनता से विशेष अपील की है कि अचानक सायरन बजने या बिजली कटने से कोई भी घबराए नहीं। यह किसी वास्तविक हमले की चेतावनी नहीं है, बल्कि संकट के समय की तैयारियों को परखने के लिए सिर्फ एक मॉक ड्रिल है। सरकार ने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास में अपना पूरा सहयोग देने की मांग की है ताकि भविष्य की किसी भी चुनौती के लिए प्रशासन और जनता दोनों पूरी तरह से तैयार रह सकें।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी लागू हुआ था ऐसा ही ब्लैकआउट
आपको बता दें कि सरहदी राज्य पंजाब के लिए ब्लैकआउट की यह स्थिति पूरी तरह से नई नहीं है। इससे पहले पिछले साल मई के महीने में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की तरफ से जवाबी हमले की कोशिश की गई थी। उस दौरान बने तनावपूर्ण माहौल और युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा ही ब्लैकआउट लागू करवाया गया था, ताकि अंधेरे में दुश्मन को किसी भी टारगेट की पहचान न हो सके। अब उसी तर्ज पर आपात स्थिति से निपटने की यह बड़ी रिहर्सल की जा रही है।

Tonight in Punjab, air-raid sirens will sound, and pitch darkness will descend








