You are currently viewing बिना CCTV, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस के आधिकारिक बयान के बगैर CT Group द्वारा जारी प्रेस नोट सवालों के घेरे में, क्या मीडिया, जनता और अभिभावकों को CT Group कर रहा गुमराह? चन्नी, मनबीर और हरप्रीत आखिर कब देंगे इन सवालों का जवाब?

बिना CCTV, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस के आधिकारिक बयान के बगैर CT Group द्वारा जारी प्रेस नोट सवालों के घेरे में, क्या मीडिया, जनता और अभिभावकों को CT Group कर रहा गुमराह? चन्नी, मनबीर और हरप्रीत आखिर कब देंगे इन सवालों का जवाब?

इस पूरे मामले को लेकर किसी के पास कोई वीडियो या कोई जरूरी जानकारी हो तो हमारे नम्बर पर भेज दें आप का नंबर नाम गोपनीय रखा जाएगा।

जालंधर (अमन बग्गा ): CT Group of Institutions के शाहपुर कैंपस में 20 अगस्त को विद्यार्थियों के दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर संस्थान की ओर से मीडिया को जारी किए गए प्रेस नोट पर अब सवाल उठने लगे हैं। प्रेस नोट में सीटी ग्रुप के वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह की तरफ से अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि “इस घटना में किसी भी विद्यार्थी को चोट नहीं आई हैं” हालांकि, इस दावे को लेकर उपलब्ध वीडियो और पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कई सवाल सामने आ रहे हैं।

PunjabLiveNews.in (PLN News) की टीम द्वारा पुलिस अधिकारियों से बातचीत किए जाने पर जानकारी मिली कि घटना में कुछ विद्यार्थियों के घायल होने की बात सामने आई है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ वीडियो में विद्यार्थियों को चोटिल अवस्था में दिखाई देने और कुछ छात्रों को अस्पताल ले जाने का दावा किया जा रहा है।

वायरल वीडियो में एक-दो विद्यार्थियों के सिर पर चोट दिखाई देने का दावा है, जबकि एक छात्र के पैर पर पट्टी बंधी हुई नजर आ रही है। एक अन्य वीडियो में एक विद्यार्थी स्वयं घटना के दौरान मारपीट और चोट लगने की बात बताता हुआ दिखाई देता है। हालांकि, PLN इन वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।

अगर छात्रों को चोट नहीं लगी तो मेडिकल रिपोर्ट और CCTV क्यों नहीं? इन सवालों का जवाब संस्थान की ओर से दिया जाना बाकी 

CT Group के प्रेस नोट में किसी भी विद्यार्थी के घायल नहीं होने का दावा किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि वास्तव में किसी विद्यार्थी को चोट नहीं लगी थी, तो संस्थान की ओर से घटना से संबंधित CCTV फुटेज, मेडिकल जांच या अन्य आधिकारिक दस्तावेज, पुलिस अधिकारियों का बयान मीडिया के सामने क्यों नहीं रखे गए?

क्या घटना के बाद किसी विद्यार्थी का मेडिकल परीक्षण करवाया गया था? यदि करवाया गया था तो उसकी रिपोर्ट में क्या सामने आया? क्या कैंपस में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई? यदि हुई, तो घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? मीडिया को संस्थान के अंदर की स्थिति दिखाकर सच्चाई क्यों नहीं दिखाने का प्रयास किया गया। सत्य को आखिर किस बात का डर।

“स्थिति तत्काल नियंत्रित कर ली गई” के दावे पर भी सवाल

CT Group ने अपने बयान में यह भी कहा है कि स्थिति को तत्काल नियंत्रित कर लिया गया और कैंपस में सामान्य स्थिति बहाल कर दी गई।
लेकिन दूसरी ओर सामने आई कुछ वीडियो और तस्वीरों में हॉस्टल के कमरों के टूटे हुए कांच, बिखरा सामान तथा विद्यार्थियों के बीच धक्कामुक्की और झड़प के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
ऐसे में सवाल यह है कि यदि स्थिति इतनी जल्दी नियंत्रित कर ली गई थी तो तोड़फोड़ और नुकसान की स्थिति कैसे बनी? विद्यार्थियों के घायल होने के दावे कैसे सामने आए? इन सभी सवालों का जवाब तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर सामने आना जरूरी है। 

घटना का नहीं कोई कोई धार्मिक या साम्प्रदायिक पहलू, माहौल शांत: सीटी ग्रुप

CT Group ने अपने प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि घटना का कोई धार्मिक या साम्प्रदायिक पहलू नहीं था और विवाद मुख्य रूप से भोजन से संबंधित चिंता को लेकर हुआ। इस संबंध में CT Group के वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी हर चिंता को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया था और संस्थान के अनुसार घटना में किसी विद्यार्थी को चोट नहीं आई। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

घटना के बाद CT Group ने कमेटी का गठन किया है, जो घटना के तथ्यों की समीक्षा करने के साथ-साथ मेस एवं भोजन से संबंधित विद्यार्थियों की शिकायतों की भी जांच करेंगी। कमेटी संबंधित विभागों, मेस प्रबंधन और विद्यार्थी प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर आवश्यक सुधारात्मक कदमों की सिफारिश करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता जायज

इस घटना के बाद विद्यार्थियों के अभिभावकों के मन में भी कई सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर घटना के दौरान क्या हुआ? किन परिस्थितियों में झड़प हुई? क्या किसी विद्यार्थी को वास्तव में चोट लगी? क्या घायल विद्यार्थियों का मेडिकल परीक्षण हुआ? पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की? और क्या पूरी घटना CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई? अगर हुई तो अभिवावकों और मीडिया को सीसीटीवी क्यों नहीं दिखाई?

इन सवालों पर संस्थान और प्रशासन की ओर से तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जानकारी सामने आना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलतफहमी को बढ़ावा न मिले।

PunjabLiveNews.in की छात्रों से अपील

🙏 हम सभी धर्मों के विद्यार्थियों से अपील करते हैं कि आपसी विवाद को धार्मिक रंग न दें।
विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, हिंसा से दूर रहें और किसी भी अफवाह, उकसावे या भड़काऊ संदेश पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता जांचें।
कैंपस में भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखना विद्यार्थियों, संस्थान और अभिभावकों—सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

PunjabLiveNews.iN (PLN) का स्पष्ट पक्ष

इस News रिपोर्ट में लगाए गए किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि PunjabLiveNews.in द्वारा नहीं की गई है। CT Group की ओर से फिलहाल विवाद की मुख्य वजह कैंटीन के भोजन को लेकर चिंता बताई गई है और संस्थान के अनुसार कैंपस में स्थिति सामान्य एवं शांत है।

PunjabLiveNews.in किसी भी पक्ष द्वारा किए गए आरोप या दावे, वायरल हो रही वीडियो को लेकर अपनी ओर से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। यदि CT Group, पुलिस प्रशासन, विद्यार्थी या किसी अन्य संबंधित पक्ष को इस रिपोर्ट के संबंध में कोई आपत्ति या अपना पक्ष रखना है, तो PLN उनका पक्ष भी प्रकाशित करने के लिए उपलब्ध है।
संपर्क: 9876410210 Aman Bagga ( Sr. Journalist)

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