अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में सीआईए (CIA) स्टाफ और एक महिला वकील के बीच का विवाद अब एक बड़े बवाल में तब्दील हो चुका है। कोर्ट में पेशी के दौरान महिला वकील ने पुलिस पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। महिला वकील का रो-रोकर बुरा हाल था और उसने भरी अदालत में पुलिस पर बर्बरता की हदें पार करने का आरोप लगाया है। इस दौरान कोर्ट परिसर में वकीलों की भारी भीड़ जमा रही और माहौल काफी तनावपूर्ण दिखा।
रंजिश में झूठा केस और थर्ड डिग्री टॉर्चर का दावा
महिला वकील ने अदालत के सामने फूट-फूटकर रोते हुए बताया कि उसने कुछ समय पहले सीआईए स्टाफ के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करवाई थी। उसका आरोप है कि इसी रंजिश का बदला लेने के लिए पुलिस ने उस पर एक झूठा मुकदमा थोप दिया। वकील का दावा है कि पुलिसकर्मी उसे सरेआम बाजार से जबरन उठा ले गए और थाने में ले जाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उसने बताया कि उस पर लगातार समझौता करने का दबाव डाला जा रहा था और जब उसने झुकने से इनकार कर दिया, तो उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया, जिसमें उसका हाथ तक टूट गया है। उसने कोर्ट से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
भड़की बार एसोसिएशन, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस पूरी घटना के बाद वकील समुदाय में भारी रोष देखने को मिल रहा है। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रदीप सैनी ने पुलिस की इस एकतरफा कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यदि पुलिस को किसी वकील के खिलाफ कोई शिकायत मिली थी, तो नियमों के तहत सबसे पहले बार एसोसिएशन को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने साफ किया कि वकील समुदाय इस तरह के अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा। दूसरी तरफ, जब इस गंभीर मामले पर पुलिस अधिकारियों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने चुप्पी साध ली और उच्च अधिकारियों का हवाला देते हुए कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया।
सरपंच की शिकायत और ब्लैकमेलिंग की कहानी
इस पूरे विवाद का दूसरा पहलू पुलिस की एफआईआर (FIR) से सामने आता है। पुलिस के मुताबिक, रंजीत एवेन्यू थाने में 3 मार्च 2026 को बीएनएस की धारा 308(2), 3(5) और 351(3) के तहत एक मुकदमा (नंबर 42) दर्ज किया गया है। यह शिकायत तलवंडी दसौंधा सिंह गांव के मौजूदा सरपंच ने दी थी। शिकायत में कहा गया है कि गांव के रहने वाले गुरमेज सिंह को कुछ लोग फोन करके लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे। शुरुआत में 500 रुपये के गूगल-पे ट्रांजैक्शन का डर दिखाया गया और फिर ब्लैकमेलरों ने 10 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग कर डाली। पैसे न देने पर गंभीर कार्रवाई करवाने की धमकियां भी दी जा रही थीं।
रेस्टोरेंट में बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़े जाने का दावा
पुलिस की कहानी के अनुसार, आरोपियों ने गुरमेज सिंह को पैसे लेकर दोपहर 2 बजे रंजीत एवेन्यू स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाया था। पुलिस ने पहले से ही वहां अपना जाल बिछा रखा था। जैसे ही आरोपी पैसे लेकर वहां से निकलने लगे, पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मनजीत सिंह नाम के व्यक्ति को मौके पर ही दबोच लिया। इसी मामले में एक महिला आरोपी सिमरनजीत कौर की भी पहचान की गई है। पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों के पास से 4 लाख 50 हजार रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस अपनी थ्योरी के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।

‘Picked up from market, broke hands using third degree’, woman lawyer’s sensational allegation against Punjab Police




