जालंधर: शहर के व्यस्त ढन्न मोहल्ले ग्राउंड के पास तड़के एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में अंदर सो रहे पिता-पुत्र समेत परिवार के तीन सदस्य मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के वक्त पूरा परिवार गहरी नींद में था। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
मलबे में दबे मासूम की हालत नाजुक, पिता भी लहूलुहान
मकान की छत गिरने से ऑटो चालक दीपक और उनका 8 साल का मासूम बेटा भारी मलबे के नीचे दब गए। मोहल्ले के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पत्थरों और मलबे को हटाकर दोनों को बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि दीपक के सिर और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि 8 वर्षीय बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में दोनों का सघन उपचार जारी है।
आधी रात को अचानक गिरा पुश्तैनी आशियाना
पीड़ित दीपक ने बताया कि वह ऑटो चलाकर किसी तरह अपने परिवार का पेट पालता है। उनका यह मकान काफी पुराना और पुश्तैनी था, जिसकी छतें पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में थीं। रात करीब 3:30 बजे जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, तभी अचानक छत का बड़ा हिस्सा उनके ऊपर आ गिरा। इस हादसे के बाद न केवल उनका आशियाना उजड़ गया है, बल्कि घर का सारा जरूरी घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गया है।
फाइलों में दबी रही सरकारी मदद की गुहार
दीपक ने दर्द बयां करते हुए खुलासा किया कि जर्जर छतों की मरम्मत के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता को लेकर उन्होंने स्थानीय पार्षद और प्रशासनिक अधिकारियों के पास कई बार चक्कर काटे और आवेदन दिए थे। प्रशासनिक लापरवाही के चलते समय रहते कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण आज यह बड़ा हादसा पेश आ गया। पीड़ित परिवार ने अब जिला प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और सिर छुपाने के लिए सुरक्षित आवास मुहैया कराने की गुहार लगाई है।


Major accident in this area of Jalandhar: house roof suddenly collapses while occupants are asleep; three injured




