गुरदासपुर: गुरदासपुर में आज सुबह एक बड़ी प्रशासनिक और पुलिसिया कार्रवाई देखने को मिली है। पट्टी पुलिस ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में सख्त एक्शन लेते हुए पीसीएस (PCS) अधिकारी और एसडीएम (SDM) डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया है। यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर-राजस्थान नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे में हुए 1 करोड़ 63 लाख रुपये के भारी गबन से जुड़ी है। सुबह करीब 7 बजे हुई इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
बिना जमीन वालों को थमा दिया करोड़ों का मुआवजा
यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर-राजस्थान नेशनल हाईवे (NH-54) के निर्माण के दौरान हुए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। आरोप है कि तरनतारन की तत्कालीन एसडीएम डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन लोगों को सरकारी मुआवजे का सीधा लाभ पहुंचाया, जिनकी जमीन का अधिग्रहण कभी हुआ ही नहीं था। बिना माल विभाग के रिकॉर्ड की तस्दीक किए, 9 जनवरी 2018 से 11 फरवरी 2019 के बीच 1 करोड़ 63 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि गलत तरीके से 5 अपात्र लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
पूर्व एसडीएम की शिकायत पर खुला गबन का राज
इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश पट्टी के पूर्व एसडीएम नवराज सिंह बराड़ की सतर्कता से हुआ। उन्होंने 5 सितंबर 2018 को तत्कालीन डीसी प्रदीप सभ्रवाल को इस वित्तीय अनियमितता की लिखित शिकायत सौंपी थी। जांच में सामने आया कि केंद्र सरकार ने 2013 में पट्टी सब-डिवीजन के 6 गांवों (ततला, हरिके, नत्थूपुर, बूह, मरहाना, जौनेके) में जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन जिन 5 लोगों को करोड़ों का मुआवजा बांटा गया, उनका नाम इस नोटिफिकेशन में था ही नहीं। इस पुख्ता रिपोर्ट के आधार पर 5 सितंबर 2019 को थाना सिटी पट्टी में डॉ. रंधावा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की विभिन्न धाराओं (419, 420, 409, 120बी आईपीसी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
इन पांच लोगों के खातों में भेजी गई थी सरकारी रकम
जांच के दौरान जिन पांच अपात्र लोगों के खातों में सरकारी पैसा ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई, उनमें अमृतसर के मानांवाला की जसबीर कौर, तरनतारन के महमूदपुरा की राजविंदर कौर, कोट दसौंधी मल्ल के सरताज सिंह और गुरजीत कौर, और अमृतसर के होशियार नगर निवासी बिक्रमजीत सिंह शामिल हैं। माल विभाग में इन लोगों की जमीन का कोई रिकॉर्ड नहीं था, फिर भी एसडीएम अनुप्रीत कौर के हस्ताक्षरों से यह बड़ी राशि जारी कर दी गई, जो सीधे तौर पर सरकारी खजाने में सेंधमारी थी।
सस्पेंशन के बाद अब पहुंची सलाखों के पीछे
इस गंभीर मामले में डीसी की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई थी। रिपोर्ट में सरकारी पैसे के गबन के स्पष्ट साक्ष्य मिलने के बाद पंजाब के तत्कालीन मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने फौरी कार्रवाई करते हुए डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था। अब इसी मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पट्टी पुलिस ने उन्हें गुरदासपुर से गिरफ्तार कर लिया है और उनसे आगे की कड़ी पूछताछ की जा रही है।

PCS Officer Anupreet Kaur Randhawa Arrested by Police for Distributing Compensation Worth Crores to Landless Individuals








