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जालंधर में विरोध प्रदर्शन के बाद जागा पुलिस प्रशासन, श्री बाला जी के भक्तों की हुई जीत, आज धूमधाम से होगी कन्हैया मित्तल द्वारा चौकी, MLA रमन अरोड़ा से जलने वालों के मुंह पर पोती गई कालिख

जालंधर: जालंधर के साईं दास स्कूल ग्राउंड में आज प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल द्वारा श्री बाला जी की भव्य चौकी का आयोजन पूरी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। बीती रात तक चले भारी हंगामे के बाद देर रात सड़कों पर हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन से आखिरकार पुलिस प्रशासन गहरी नींद से जाग गया है। हिंदू, सिख, रविदास और वाल्मीकि समाज की एकजुटता के आगे प्रशासन को घुटने टेकने पड़े हैं, जिसे श्री बाला जी के भक्तों की एक बहुत बड़ी जीत माना जा रहा है। पुलिस ने अब साफ कर दिया है कि आज होने वाली चौकी को किसी भी कीमत पर नहीं रोका जाएगा। इस फैसले के बाद भक्तों में भारी उत्साह है और आज के इस महाआयोजन में एक विशाल जनसैलाब उमड़ने की पूरी तैयारी है।

इस भव्य आयोजन से पहले जालंधर का माहौल उस वक्त अचानक गरमा गया था, जब मंदिर कमेटी के पास नौ अलग-अलग विभागों की अनुमति होने के बावजूद देर रात पुलिस ने कार्यक्रम को रुकवाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आयोजकों को एफआईआर दर्ज करने की धमकियां दी गईं, जिससे हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश भड़क उठा। प्रशासन की इस कार्रवाई को हिंदू नेताओं ने सीधे तौर पर हिंदू आस्था और सनातन पर हमला करार दिया था। सवाल उठाए गए कि क्या अब हिंदुओं को अपने देवी-देवताओं का कार्यक्रम करने के लिए भी डर और प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ेगा?

पुलिस की इस मनमानी के खिलाफ बीजेपी के पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, केडी भंडारी और महिला शक्ति समेत कई हिंदू संगठनों के नेता धरने पर बैठ गए थे और “जय श्री राम” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस विरोध की आंच इतनी तेज थी कि आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा ने भी अपनी ही सरकार के प्रशासन के रवैये से नाराज होकर अपनी पुलिस सिक्योरिटी वापस करने का बड़ा ऐलान कर दिया। चौकी के आयोजन को मिली इस मंजूरी के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है। इस जीत से जहां एक तरफ भक्तों में जश्न का माहौल है, तो वहीं इसे MLA रमन अरोड़ा से जलने वालों के मुंह पर कालिख पोते जाने के रूप में भी देखा जा रहा है। विरोधियों के सारे मंसूबे धरे के धरे रह गए हैं। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने भी प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि हिंदू समाज को कमजोर समझने की गलती न की जाए।

इस पूरे विवाद में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर तुष्टिकरण की राजनीति करने के गंभीर आरोप लगाए। लेकिन जब प्रशासन ने देखा कि श्री बाला जी की चौकी के समर्थन में केवल हिंदू संगठन ही नहीं, बल्कि सिख, रविदास और वाल्मीकि समाज भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो गया है, तो उनके होश उड़ गए। सर्व समाज की इस अभेद्य एकता और भारी जन दबाव को देखते हुए आखिरकार पुलिस प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। प्रशासन के झुकने के बाद अब जालंधर में तनाव कम हुआ है और पूरा शहर आज कन्हैया मित्तल के भजनों पर झूमने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

The police administration in Jalandhar has finally sprung into action following widespread protests; this marks a victory for the devotees of Shri Bala Ji