🔷पूर्व विधायक शीतल अंगूराल और केडी भंडारी, मनोज नन्ना, किशनलाल शर्मा, बंटी नीलकंठ, शेरी चड्डा शालू जरेवाल, मनीष राजपूत समेत महिला शक्ति बैठी धरने पर, देखें LIVE…..
जालंधर: जालंधर में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल द्वारा 14 मई को साईं दास स्कूल ग्राउंड में होने वाली बालाजी चौकी को लेकर पंजाब की राजनीति और माहौल अचानक गर्मा गया है। मंदिर कमेटी के पास नौ तरह की परमिशन होने के बावजूद देर रात पुलिस द्वारा कार्यक्रम रुकवाने और एफआईआर दर्ज करने की धमकी दिए जाने के आरोपों ने हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया।
बीजेपी के पूर्व विधायक शीतल अंगुराल समेत कई हिंदू संगठनों ने पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर शीतल अंगूराल समेत केडी भंडारी, मनोज नन्ना, किशनलाल शर्मा, बंटी नीलकंठ, शेरी चड्डा शालू जरेवाल, मनीष राजपूत और महिला शक्ति धरने पर बैठी है। वहीं आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा ने बड़ा ऐलान करते हुए अपनी पुलिस सिक्योरिटी वापस करने की बात कही है। उनके इस कदम को सरकार और प्रशासन के रवैये के खिलाफ नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब सभी विभागों से अनुमति पहले ही ली जा चुकी थी, तो आखिर हिंदू धार्मिक आयोजन को रोकने की जरूरत क्यों पड़ी? हिंदू नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान लगातार हिंदू धार्मिक आयोजनों पर दबाव बनाया जा रहा है। सवाल उठाए गए कि क्या अब हिंदुओं को अपने देवी-देवताओं का कार्यक्रम करने के लिए भी प्रशासनिक दबाव और डर का सामना करना पड़ेगा?
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर “तुष्टिकरण की राजनीति” करने के आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यही कार्यक्रम किसी और समुदाय का होता तो प्रशासन इतनी सख्ती दिखाने की हिम्मत नहीं करता। हिंदू संगठनों ने साफ कहा कि “परमिशन होने के बावजूद बालाजी की चौकी रोकना सीधे-सीधे हिंदू आस्था और सनातन पर हमला है।”
मौके पर “जय श्री राम” और सरकार विरोधी नारों से माहौल गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर हिंदू धार्मिक आयोजनों में इसी तरह दखलअंदाजी जारी रही तो पंजाब भर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा और सरकार को इसका राजनीतिक नुकसान भुगतना पड़ेगा।
पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि “हिंदू समाज को कमजोर समझने की गलती सरकार न करे। आस्था पर चोट हुई तो सड़कों से लेकर विधानसभा तक संघर्ष होगा। हिंदू अब चुप बैठने वाला नहीं है।”
इस पूरे विवाद के बाद जालंधर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पंजाब में हिंदू समाज खुद को लगातार निशाने पर महसूस करने लगा है। हिंदू संगठनों ने ऐलान किया है कि यह लड़ाई अब सिर्फ एक चौकी की नहीं, बल्कि सनातन सम्मान की लड़ाई बन चुकी है।

Tampering with Hindu Faith in Jalandhar! Former MLA Sheetal Angural Outraged Over Ban on ‘Kanhaiya Mittal Ki Chowki’








