जालंधर: पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में पिछले 15 से 20 वर्षों से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर सेवाएं दे रहे नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। कर्मचारियों ने ‘आप’ सरकार पर पक्का करने के चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए जालंधर के सिविल अस्पताल में जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन की जिला प्रधान डॉ. पंखुड़ी के नेतृत्व में जिले भर से जुटे एनएचएम कर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और सहायक सिविल सर्जन डॉ. ज्योति फुकेला को ज्ञापन सौंपते हुए 2 सितंबर तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का औपचारिक नोटिस थमा दिया।
मिशन डायरेक्टर के साथ बैठक में इन बिंदुओं पर बनी सहमति
सड़क पर उतरे कर्मचारियों के तीखे तेवरों के बीच एनएचएम एम्प्लॉइज यूनियन की मिशन डायरेक्टर के साथ एक अहम बैठक हुई, जिसमें लंबित मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक के दौरान विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि लॉयल्टी बोनस और सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने संबंधी फाइल को उच्चाधिकारियों के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। इसके अलावा पे-स्केल में बढ़ोतरी से जुड़ी फाइल को 2 सितंबर की प्रस्तावित बैठक से पहले वित्त विभाग को भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि सभी जिलों को हर महीने की 25 तारीख तक अनिवार्य रूप से वेतन बजट जारी करने के लिखित आदेश जारी किए जा रहे हैं।
‘समान काम-समान वेतन’ न मिला तो भुगतना होगा राजनीतिक अंजाम
स्वास्थ्य कर्मियों की इस हड़ताल की वजह से सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और राज्यभर में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि इस असुविधा की पूरी जिम्मेदार सरकार की वादाखिलाफी है। यूनियन ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने ‘समान काम-समान वेतन’, नियमितीकरण, ग्रेच्युटी और उम्र सीमा में छूट जैसी मुख्य मांगों पर तुरंत ठोस फैसला नहीं लिया, तो आगामी विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को इसका गंभीर राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। फिलहाल सभी की निगाहें 2 सितंबर को सरकार के साथ होने वाली उच्चस्तरीय बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।


NHM employees at Jalandhar Civil Hospital have launched a protest and announced a strike until September 2




