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AGI इंफ्रास्ट्रक्चर को 25 करोड़ का फायदा पहुंचाने के लिए लग रहा एड़ी चोटी का जोर? आखिर कौन है असली चौर? किस के इशारे पर जांच चल रही कछुआ चाल, आखिर किस किस को बनाया जा रहा मालामाल?

 

 

जालंधर (अमन बग्गा)- AGI इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा निर्मित जालंधर के 66 फुटी रोड पर स्थित जालंधर हाइट्स 1 और 2 में पड़ते गांव फोल्डीवाल और अलीपुर के पंचायती रास्तों की लगभग सवा 2 एकड़ जमीन का विवाद लगातार गर्माता जा रहा है। 

 

आशंका जताई जा रही कि AGI कंपनी के मालिक इन जमीनों का कमर्शियल रेट देने की बजाय कोलेक्टर रेट के आधार पर ही मुआवजा देने के लिए अंदरखाते सेटिंग कर सकते है। जिस वजह से AGI कम्पनी के मालिकों को लगभग 25 करोड़ से ज्यादा का फायदा पहुंचने का अनुमान है।

वही बड़ा सवाल यह भी है कि इस पूरे मामलें की जांच को किस के इशारे पर कछुआ चाल की तरह चलाया जा रहा है। और तो और जांच के नाम पर गेंद कभी उस पाले में फेंकी जा रही है कभी इस पाले में।

लापरवाही और नालायकी तो देखिए कई वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक विभाग के हाथ कोई सफलता हाथ नही लग पाई है। आखिर कौन वो असली चौर, कौन है वो मास्टर माइंड, जिस ने कैप्टन सरकार की तिजोरी में आने वाले करोड़ो रुपए के मुआवजे पर ही सेंध लगा दी है। आखिर असली दोषी कौन है?

वही फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही डीसी डीडीपीओ बीडीओ सरपंच और AGI कंपनी के मालिक समेत 5 सदस्यों की प्राइज फिक्सेशन कमेटी सरकारी रास्तों के रेट फिक्स करेगी।

वही पूरी आशंका है कि अब एड़ी चोटी का जोर लगाया जाएगा ताकि जमीन के रेट कलेक्ट्रेट रेटों के आधार पर फिक्स करवा कर मामला ठप कर दिया जाए और गांव की पंचायत को 2 – 3 करोड़ रुपए देकर ही सारी सेटलमेंट कर ली जाए।

12 करोड़ रुपए प्रति एकड़ लेंगे : सरपंच

इस पूरे मामले बारे जब हमारी टीम ने फोलडीवाल गांव के सरपंच सुखा फोलडीवाल से बात की तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि गत दिनों ही जालंधर हाइट्स के पास जमीन बिकी है, जिसका मूल्य 12 करोड़ रुपए प्रति एकड़ गया है । उन्होंने कहा कि उनके गांव की जितनी भी जमीन जालंधर हाइट्स 1 और 2 के अधीन आती है|वह उसकी पूरी कमर्शियल वैल्यू के हिसाब से कीमत लेंगे।
अगर इस मामले में किसी ने अड़चन डालने की कोशिश की तो वे फ्लैट्स निर्माता कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।

वही कंपनी को हाईकोर्ट में जवाबदेही देनी पड़ सकती है कि अगर कंपनी ने अपने फ्लैट से बनाते हुए फोल्डीवाल और अलीपुर गांव की जमीन पर कब्जा किया है, तो उसकी कमर्शियल कीमत अब तक अदा क्यों नहीं की गई।

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