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नींबू-पानी बेचने वाला कैसे बना 782 करोड़ के गबन का मास्टरमाइंड? पुलिस रिमांड में खुल रहे रसूखदारों के राज

चंडीगढ़: चंडीगढ़ और हरियाणा में हुए 782 करोड़ रुपए के भारी-भरकम गबन के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे महाघोटाले का मास्टरमाइंड विक्रम वधावा कभी चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित एक शराब के ठेके के बाहर नींबू-पानी की रेहड़ी लगाया करता था। लेकिन धीरे-धीरे उसने शहर के रसूखदार कारोबारियों, नामी बिल्डरों और बड़े नौकरशाहों (ब्यूरोक्रेट्स) के साथ अपने गहरे संबंध बना लिए और रातों-रात करोड़पति बन बैठा।

पॉश इलाकों में आलीशान कोठियां और हाउसिंग सोसाइटी का साम्राज्य

जांच एजेंसियों की पड़ताल में विक्रम वधावा की अकूत संपत्ति का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी ने सिर्फ अपने रसूख के दम पर चंडीगढ़ के सबसे पॉश माने जाने वाले सेक्टर-33 और सेक्टर-36 में करोड़ों रुपए की आलीशान कोठियां खड़ी कर ली हैं। इतना ही नहीं, उसने मोहाली के खरड़ इलाके में ‘प्रिज्मा रेजीडेंसी एलएलपी’ के नाम से अपनी एक पूरी हाउसिंग सोसाइटी भी बसा ली है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट में सबसे मोटा निवेश रिभव ऋषि नाम के व्यक्ति द्वारा किया गया था।

पुलिस पूछताछ में उगले कई सफेदपोशों के नाम, जांच हुई तेज

फिलहाल मास्टरमाइंड विक्रम वधावा चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में है और उससे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने कई बड़े ब्यूरोक्रेट्स और शहर के रसूखदार कारोबारियों के नामों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। अब पुलिस की टीमें इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि इन हाई-प्रोफाइल लोगों के विक्रम वधावा के साथ असल में क्या संबंध थे और सरकारी तंत्र में इनसे किस तरह से अपने गैरकानूनी काम निकलवाए जाते थे।

How did a lemonade seller become the mastermind of a 782 crore embezzlement