एडमॉन्टन: बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गए पंजाब के एक 22 वर्षीय युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान बीरइंदर सिंह के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। यह दिल दहला देने वाली वारदात एडमॉन्टन शहर के पास लेड्यूक इलाके में हाईवे-2 पर उस वक्त हुई, जब बीरइंदर अपने बचपन के दोस्तों के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकला था। अज्ञात हमलावरों ने बिना किसी उकसावे के उसे मौत के घाट उतार दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पंजाब में रह रहे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बैनफ घूमने निकले थे, रास्ते में मिल गई खौफनाक मौत
बीरइंदर सिंह 14 मार्च की दोपहर करीब 2:50 बजे अपनी होंडा सिविक कार से दो दोस्तों के साथ पहली बार बैनफ घूमने जा रहा था। इसी दौरान एक सफेद रंग का पिकअप ट्रक उनकी कार के बराबर में आकर रुका। ट्रक में सवार दो लोगों ने पहले बीरइंदर की तरफ दोस्ती का इशारा किया। माहौल सामान्य समझकर जब बीरइंदर ने भी मुस्कुराते हुए वैसा ही इशारा किया, तो ट्रक सवारों ने अचानक अपनी खिड़की नीचे की और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे बीरइंदर की गर्दन में जा लगी। दोस्तों ने किसी तरह कार को सड़क किनारे रोका और पुलिस को बुलाया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण बीरइंदर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
3 साल से बेटे का चेहरा देखने को तरस रहे थे माता-पिता
बीरइंदर सिंह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला था और करीब 3 साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। ओंटारियो में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिछले 5 महीनों से अल्बर्टा प्रांत के एडमॉन्टन में रहकर कंस्ट्रक्शन का काम कर रहा था। वह अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहा था। उसके माता-पिता पिछले तीन सालों से अपने बेटे से नहीं मिले थे और अब उसकी मौत की खबर ने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया है। दोस्तों ने बीरइंदर के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए भारत भेजने के वास्ते ‘गो फंड मी’ पेज के जरिए जरूरी फंड भी जुटा लिया है।
नस्लभेदी हमले की आशंका, कातिलों की तलाश में जुटी पुलिस
इस हत्या के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। बीरइंदर के दोस्तों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही रास्ते में कोई ‘रोड रेज’ जैसी घटना हुई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह एक नस्लभेदी (हेट क्राइम) हमला हो सकता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की मेजर क्राइम यूनिट ने जांच अपने हाथ में ले ली है। पुलिस अब सफेद पिकअप ट्रक और उसमें सवार कातिलों की पहचान के लिए आम जनता से डैशकैम फुटेज और सुराग मांग रही है।
परिवार की मांग- जल्द भारत लाया जाए शव और मिले इंसाफ
बीरइंदर की मौत की पुष्टि उसके भाई पुनर सिंह ने की है। पंजाब में बैठे शोक संतप्त परिवार ने कनाडा सरकार और स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। परिवार की मांग है कि कातिलों को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला जाए और उनके इकलौते बेटे के शव को जल्द से जल्द भारत भेजा जाए ताकि वे उसका अंतिम संस्कार कर सकें। परिवार ने इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय से भी जल्द हस्तक्षेप करने की उम्मीद जताई है।

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