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चंडीगढ़ में किसानों का विशाल रोष प्रदर्शन, केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी; सड़कों पर लगा भारी जाम

चंडीगढ़: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब भर के हजारों किसानों ने चंडीगढ़ में एक बेहद विशाल रोष प्रदर्शन कर सरकारों की नींद उड़ा दी है। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां के नेतृत्व में हुए इस विशाल प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ की कई प्रमुख सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का यह हुजूम सरकार की नई नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए इकट्ठा हुआ था।

पुलिस की सख्त नाकेबंदी और ट्रैक्टरों का विशाल काफिला

बड़ी संख्या में किसान सबसे पहले सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी मैदान में इकट्ठा हुए और फिर बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के एक बड़े काफिले के साथ सेक्टर-17 के मटका चौक की ओर कूच किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ पुलिस द्वारा भारी फोर्स तैनात की गई थी और मटका चौक को बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया था। इस दौरान युवा किसानों का जोश देखने लायक था, जो बसों की छतों पर चढ़कर और झंडे लहराकर केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे।

प्रशासन की सख्ती और रूट डायवर्ट के कारण बदला माहौल

चंडीगढ़ प्रशासन ने किसानों के गुस्से को देखते हुए उन्हें दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक यानी लगभग डेढ़ घंटे के लिए मटका चौक तक रैली निकालने की मंजूरी दी थी। इस शांतिपूर्ण मार्च के बाद किसान निर्धारित समय के अनुसार वापस सेक्टर-34 के पंडाल में लौट आए। प्रदर्शन के मद्देनजर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई अहम रूट डायवर्ट किए थे, लेकिन फिर भी शहर के कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और जमीन नीति के खिलाफ आर-पार की लड़ाई

किसानों के इस बड़े विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता (India-US Free Trade Agreement) और पंजाब सरकार की नई लैंड पूलिंग नीति है। किसानों का स्पष्ट आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित व्यापार समझौते से भारतीय बाजारों में अमेरिका के सस्ते कृषि उत्पाद भर जाएंगे, जिससे देश का कृषि, डेयरी सेक्टर और छोटे उद्योग पूरी तरह तबाह हो जाएंगे। इसके साथ ही किसानों ने पंजाब सरकार की नई लैंड पूलिंग नीति को भी अपने हितों के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि इस नीति से किसानों के हाथों से उनकी उपजाऊ कृषि योग्य जमीन छीनी जा रही है, जिसे वे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

Farmers stage massive protest in Chandigarh, shouting slogans against the central and state governments