कांग्रेस ने मांगा हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा, भाजपा ने राज्यपाल से की CBI जांच की मांग
संगरूर: पंजाब के संगरूर स्थित गांव तूर बंजारा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के समक्ष खुलेआम नशे की बिक्री पर सवाल उठाने वाले किसान गुलजार सिंह (50) ने कथित तौर पर धमकियों और दबाव से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दम तोड़ने से पहले किसान ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी मौत के लिए वित्त मंत्री हरपाल चीमा और स्थानीय सरपंच सहित चार लोगों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। इस घटना के बाद पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। उधर, पुलिस ने महिला सरपंच बलजिंदर कौर और उनके पति समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सरपंच के पति को हिरासत में ले लिया है।
‘चिट्टे’ की लत पर मंत्री से लगाई थी गुहार, माफी मांगने का बनाया गया दबाव
पूरा विवाद 6 सितंबर को तब शुरू हुआ जब वित्त मंत्री हरपाल चीमा तूर बंजारा गांव में जनसंपर्क के लिए पहुंचे थे। इस दौरान गुलजार सिंह ने भरे मंच पर दावा किया कि उनका बेटा और गांव के दर्जनों नौजवान ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) के चंगुल में फंस चुके हैं और उन्होंने नशे पर रोक लगाने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों ने गुलजार सिंह के घर जाकर उन्हें धमकाया और मंत्री से लिखित माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया। इस मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर किसान ने सोमवार को सल्फास निगल लिया। उन्हें पहले पटियाला और बाद में लुधियाना के डीएमसी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
AAP का पलटवार: ‘जहर देने के बाद जबरन बनवाया गया वीडियो, हो रही लाशों पर राजनीति’
घटना पर मचे सियासी घमासान के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। ढांडा ने दावा किया कि इस मामले के दो वीडियो सामने आए हैं; पहले वीडियो में किसी भी मंत्री का नाम नहीं था। ढांडा ने आरोप लगाया कि जहर खाने के बाद गंभीर हालत में पीड़ित को अस्पताल ले जाने के बजाय कुछ लोगों ने उस पर दबाव बनाकर दूसरा वीडियो तैयार कराया, जिसमें जबरन मंत्री का नाम बुलवाया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लाशों पर राजनीति कर रहा है, जबकि मान सरकार किसी भी नशा तस्कर को बख्शने के मूड में नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
कांग्रेस ने मांगा वित्त मंत्री का इस्तीफा, भाजपा ने राज्यपाल से की CBI जांच की मांग
इस दुखद घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के तत्काल इस्तीफे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। चन्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस परिजनों पर पोस्टमॉर्टम न कराने का दबाव बना रही थी। वहीं भाजपा के प्रदेश नेताओं ने चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि राज्य में नशे के खिलाफ सच बोलने वालों की आवाज को सरकारी रसूख से दबाया जा रहा है।


Farmer who questioned Finance Minister about the drug menace consumes poison




