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जालंधर में ट्रैफिक पुलिस से बहसबाजी या झूठे आरोप नहीं चलेंगे: कर्मियों की वर्दी पर लगे बॉडी-वॉर्न कैमरे, हर चालान होगा रिकॉर्ड

जालंधर: शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का पालन कराने और पुलिसिंग को हाईटेक बनाने की दिशा में जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए अब ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को अत्याधुनिक बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस कर दिया गया है। ड्यूटी के दौरान तैनात पुलिसकर्मी इन कैमरों को अपने सीने पर लगाए रखेंगे, जिससे चेकिंग और नाकाबंदी के दौरान होने वाली हर एक गतिविधि सीधे कैमरे में कैद हो सकेगी।

चेकिंग के दौरान हर बातचीत और कार्रवाई होगी रिकॉर्ड

कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, इस हाईटेक पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क पर वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच होने वाले संवाद को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। अब जब भी कोई पुलिसकर्मी किसी वाहन को रोकेगा या चालान काटेगा, तो दोनों पक्षों के बीच की बातचीत और पूरी कार्रवाई का ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड तैयार रहेगा। यह फुटेज भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या शिकायत के समाधान में ठोस डिजिटल साक्ष्य के तौर पर काम करेगी, जिससे पुलिस की कार्यशैली में भी अधिक व्यावसायिकता आएगी।

चालान पर बहस और बदसलूकी के दावों की खुलेगी पोल

सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस पर बेवजह परेशान करने, अवैध वसूली या गलत चालान काटने के आरोप लगते हैं। वहीं दूसरी ओर, कई बार वाहन चालक भी नियम तोड़ने के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उलझते और अभद्र व्यवहार करते दिखाई देते हैं। बॉडी-वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग से दोनों ही पक्षों की वास्तविक स्थिति पल भर में स्पष्ट हो जाएगी। यदि कोई चालक पुलिस पर झूठा आरोप लगाएगा या पुलिस से बदसलूकी करेगा, तो उसका पूरा घटनाक्रम सबूत के रूप में दर्ज रहेगा।

तकनीक आधारित स्मार्ट और जवाबदेह पुलिसिंग

पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तकनीकी व्यवस्था से वाहन चालकों में ट्रैफिक नियमों के प्रति गंभीरता और जागरूकता बढ़ेगी, साथ ही खाकी पर आम जनता का भरोसा भी मजबूत होगा। छोटे और हल्के होने के कारण ये कैमरे पुलिसकर्मियों की वर्दी पर आसानी से फिट हो जाते हैं और बिना किसी रुकावट के लगातार रिकॉर्डिंग करते रहते हैं। कमिश्नरेट पुलिस की यह कवायद जालंधर को स्मार्ट और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

No arguing with traffic police or making false allegations in Jalandhar