अमृतसर: अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब रनवे के बेहद करीब संदिग्ध ड्रोन उड़ते दिखाई दिए। सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाका होने के चलते इसे बड़ी चूक और खतरा मानते हुए तत्काल एक्शन लिया, जिसके बाद अमृतसर आने वाली 7 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की लैंडिंग रोक दी गई। यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े, इसके लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तुरंत कई विमानों के रूट तक डायवर्ट कर दिए। हालांकि, अब इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
खेल टूर्नामेंट का ड्रोन रनवे तक कैसे पहुंचा, उठे सुरक्षा पर सवाल
अमृतसर पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि एयरपोर्ट के पास दिखने वाले ड्रोन किसी दुश्मन देश की साजिश या संदिग्ध गतिविधि का हिस्सा नहीं थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह ड्रोन पास ही आयोजित एक खेल टूर्नामेंट के दौरान वीडियोग्राफी के लिए उड़ाए जा रहे थे। पुलिस के इस खुलासे के बाद भले ही सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली हो, लेकिन एयरपोर्ट के संवेदनशील इलाके में इतनी बड़ी लापरवाही को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
8 किलोमीटर का नो-फ्लाई जोन, फिर भी नियमों की उड़ाई धज्जियां
सुरक्षा मानकों के तहत एयरपोर्ट के 8 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह का ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बिना अनुमति संवेदनशील ऑपरेशनल एरिया और रनवे के ठीक ऊपर ड्रोन कैसे पहुंचे, इस पर जांच बैठाई गई है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को हल्के में नहीं ले रही हैं। पंजाब पुलिस और सीआईएसएफ (CISF) की टीमें इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि खेल आयोजकों ने नो-फ्लाई जोन में ड्रोन उड़ाने की जुर्रत कैसे की, और इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।


Drone near Amritsar airport sparks alarm, landing of 7 flights halted




