चंडीगढ़: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य भर में व्यापक जनगणना अभियान शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इस महाअभियान का मुख्य चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। नागरिकों की सुविधा के लिए इस बार डिजिटल प्रक्रिया को अपनाते हुए ‘स्व-गणना पोर्टल’ (Self-Enumeration Portal) भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से लोग 16 से 30 नवंबर 2026 के बीच स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके उपरांत आंकड़ों के भौतिक सत्यापन के लिए 5 से 9 जनवरी 2027 तक रिवेरिफिकेशन (पुनः जांच) का चरण चलाया जाएगा।
40 सवालों की फेहरिस्त, जातिगत जनगणना भी शामिल
इस जनगणना प्रक्रिया के दौरान प्रगणक (एन्यूमरेटर्स) प्रत्येक परिवार से कुल 40 सवाल पूछेंगे। इसमें जाति, धर्म, शैक्षणिक योग्यता, रोजगार और आर्थिक स्थिति के साथ-साथ यह विवरण भी जुटाया जाएगा कि परिवार के सदस्यों को कोविड वैक्सीन लगी है या नहीं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) द्वारा लिए गए अहम फैसले के तहत इस बार राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत जनगणना को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत पंजाब में भी सभी वर्गों की जाति संबंधी स्पष्ट जानकारी दर्ज की जाएगी।
11,718 करोड़ का बजट, मोबाइल ऐप से होगी डिजिटल एंट्री
पूरी प्रक्रिया को कागजी झंझट से मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन तैयार किए गए हैं, जिनके जरिए मौके पर ही डिजिटल डेटा अपलोड किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस राष्ट्रव्यापी महाअभियान के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। पंजाब में यह संपूर्ण प्रक्रिया राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रत्यक्ष समन्वय व देखरेख में संपन्न की जाएगी।
2011 में 2.77 करोड़ थी पंजाब की आबादी
पिछली यानी वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब की कुल आबादी 2.77 करोड़ दर्ज की गई थी, जिसमें 1.46 करोड़ पुरुष और 1.31 करोड़ महिलाएं शामिल थीं। उस दौरान राज्य की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 13.89 प्रतिशत और जनसंख्या घनत्व 551 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, जबकि लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 895 महिलाओं का रहा। वहीं, साक्षरता दर 75.84 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 80.44 प्रतिशत और महिला साक्षरता 70.73 प्रतिशत रही। राज्य की 62.52 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में और 37.48 फीसदी आबादी शहरों में निवास करती थी। इस नए सर्वे के बाद राज्य की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक तस्वीर एक बार फिर नए स्वरूप में सामने आएगी।


Census to be conducted in Punjab before the Assembly elections; 40 questions to be asked




