
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पनसप में हुए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर सख्त कार्रवाई की है। गोदामों के किराए के बिलों में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने बठिंडा और मानसा में तैनात पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा घोटाला गोदामों के किराए के भुगतान में हेराफेरी कर किया गया। मानसा जिले में तैनात वरिष्ठ सहायक लेखाकार संदीप गर्ग और अन्य अधिकारियों ने बठिंडा में गोदामों के किराए के बिलों में हेरफेर कर करोड़ों रुपये का गबन किया।

घोटाले का तरीका इतना शातिराना था कि एक ही गोदाम का भुगतान साल में तीन-तीन बार दिखाया गया। पहली बार असली भुगतान लाभार्थी को किया जाता था, जबकि बाकी दो बार की रकम अधिकारियों के खातों में जमा करा ली जाती थी। इसके लिए दफ्तर में तीन बार फर्जी बिल तैयार कर जमा कराए जाते थे।
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ सहायक लेखाकार और मानसा में सेवारत इंस्पेक्टरों ने अकेले बठिंडा में ही लगभग तीन करोड़ रुपये का गबन किया है। आशंका जताई जा रही है कि पूरी जांच के बाद गबन की यह रकम और भी बढ़ सकती है।
इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि मानसा के कुछ शेलर मालिक भी कथित अनियमितताओं में शामिल रहे हैं और अब सीजन के दौरान ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए जबरन पैसे जमा करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फिलहाल दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और आगे की जांच जारी है।
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