जालंधर: शहर के रेडक्रॉस भवन में आयोजित जालंधर नगर निगम हाउस की बैठक मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के पार्षदों ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस पार्षदों ने विशेष रूप से मेयर के नॉर्थ हलके के प्रस्तावों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि मेयर विनीत धीर को खुद माइक थामकर पार्षदों को फटकार लगानी पड़ी। मेयर ने हंगामा कर रहे पार्षदों को शांत करवाते हुए कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए क्योंकि पूरा शहर उन्हें देख रहा है। हालांकि, इस नसीहत के बावजूद पार्षद एक-दूसरे से उलझते रहे और नारेबाजी का दौर जारी रहा।
एक दिन पहले ही तैयार हो गई थी हंगामे की रणनीति
निगम हाउस में हुए इस ड्रामे की पटकथा एक दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। जालंधर सेंट्रल से पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र बेरी के नेतृत्व में 17 कांग्रेसी पार्षदों ने एक विशेष बैठक कर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति तैयार की थी। कांग्रेस का सीधा आरोप था कि विकास कार्यों के नाम पर निगम के एजेंडे में केवल एक ही हलके (नॉर्थ) पर विशेष मेहरबानी दिखाई जा रही है और चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष ने एजेंडे में शामिल खामियों को उजागर करते हुए एकजुट होकर इसका विरोध किया।
यूनियन के दबाव में 607 करोड़ का सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट अटका
भारी शोर-शराबे के बीच नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि की अगुवाई में बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई और प्रस्ताव संख्या 163 से 210 तक पास किए गए। हालांकि, शहर के सभी 85 वार्डों में 607.11 करोड़ रुपए की लागत से इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के अहम प्रस्ताव को फिलहाल रोक (ड्रॉप) दिया गया है। कमिश्नर संदीप ऋषि ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी यूनियन के मन में ठेके को लेकर कुछ आशंकाएं थीं, जिसके चलते सफाई सेवक हड़ताल पर चले गए थे। अब यूनियन के साथ बैठक कर उनकी पूरी सहमति बनने के बाद ही इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी जाएगी।
50 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और सीवरेज के प्रस्ताव पास
बैठक में जालंधर शहर के 50 प्रमुख चौराहों पर 9.51 करोड़ रुपए की लागत से इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत चौराहों को 4जी/5जी और ऑप्टिकल फाइबर से जोड़कर इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से ट्रैफिक की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा बस्ती पीर दाद में 32.79 करोड़ रुपए की लागत से 20 एमएलडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने और लेदर कॉम्प्लेक्स में एसटीपी के लिए जमीन लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। साथ ही, शहर की मुख्य और ब्रांच सीवर लाइनों की सुपर सक्शन मशीनों से सफाई के लिए 25.72 करोड़ रुपए के बजट को भी मंजूरी दी गई है। नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में सीवर और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 3.18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगी डिजिटल पहचान, बढ़ेंगे दो ज्वाइंट कमिश्नर
शहर में अतिक्रमण और अवैध कब्जों को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए स्ट्रीट वेंडर्स (फेरी वालों) के डिजिटल सर्वे का प्रस्ताव भी पास किया गया है। अब एक सर्विस प्रोवाइडर के जरिए सभी वेंडर्स की जीपीएस लोकेशन मैपिंग होगी और उन्हें तस्वीर व रजिस्ट्रेशन वाली यूनिक आइडेंटिफिकेशन क्यूआर कोड नंबर प्लेट जारी की जाएगी। इससे असली और नकली फेरी वालों की पहचान आसान हो जाएगी। इसके साथ ही, निगम की सीमा में 12 नए गांवों के शामिल होने और कामकाज बढ़ने के कारण, शहर के चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए संयुक्त कमिश्नर के पदों की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने का प्रस्ताव भी हाउस में रखा गया, ताकि जनता की शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सके।


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