जालंधर: शहर में पिछले कई दिनों से गंदगी और बदबू का सामना कर रहे निवासियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर हड़ताल पर बैठे सफाई सेवकों ने आखिरकार अपना विरोध खत्म कर दिया है। सोमवार दोपहर से ही सफाई कर्मचारियों ने काम पर लौटकर सड़कों और गलियों से कूड़ा उठाने का सिलसिला दोबारा शुरू कर दिया है। हड़ताल खत्म होने से न सिर्फ आम जनता ने चैन की सांस ली है, बल्कि नगर निगम प्रशासन के भी माथे की चिंता दूर हो गई है।
मेयर के आश्वासन के बाद सुलझा विवाद
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सफाई कर्मियों की इस लंबी हड़ताल को खत्म कराने के लिए सोमवार को जालंधर के मेयर विनीत धीर ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान सफाई सेवकों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा की गई और उन्हें उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस आश्वासन दिया गया। मुख्यमंत्री और मेयर की तरफ से मिले इसी सकारात्मक भरोसे के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का बड़ा ऐलान कर दिया। सोमवार दोपहर बाद से ही कर्मचारी अपने-अपने वार्डों में पहुंच गए और शहर की ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई।
गंदगी और बदबू से बेहाल हो गए थे लोग
गौरतलब है कि नगर निगम के यूनियन नेताओं और कर्मचारियों की इस हड़ताल ने पूरे जालंधर शहर की सूरत बिगाड़ कर रख दी थी। पिछले चार-पांच दिनों से कूड़े की लिफ्टिंग पूरी तरह से बंद होने के कारण शहर के अर्बन एस्टेट, आदर्श नगर, पठानकोट चौक और मॉडल टाउन जैसे प्रमुख इलाकों में जगह-जगह कूड़े के विशाल ढेर लग गए थे। सड़कों पर फैले कचरे और हर तरफ उठ रही भयंकर बदबू के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया था। अब काम दोबारा शुरू होने से लोगों को इस भारी परेशानी से छुटकारा मिलेगा और शहर जल्द ही फिर से साफ-सुथरा नजर आएगा।


Great news for the residents of Jalandhar: the sanitation workers’ strike has ended




