अमन बग्गा – चीफ एडिटर -PLN
जालंधर ( अमन बग्गा) जालंधर के समूह हिन्दू संगठनों ने हिंदुओं से आह्वान किया है कि मेरे हिन्दू भाई ! न मैं ईसाई न तुम ईसाई फिर किस बात की क्रिसमस की बधाई । और आप को बता दे कि जालंधर के गोपाल पार्क हिन्द क्रांति दल के दफ्तर में 25.12.2020 को सुबह 12 बजे और युवा सेवा संघ की तरफ से शहर के 12 इलाकों में गीता जयंती और तुलसी पूजन दिवस मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये गए है ।
वही दूसरी और अजीब विडंबना है जिस संस्कृति की रक्षा के लिए हमारे गुरुओं संतो देश भक्तों ने कुर्बानियां दी । वीर हकीकत राय , वीर धर्म रक्षक चार साहिबजादों जैसे नन्हे नन्हे योद्धाओं ने अधर्मियों के आगे घुटने नही टेके और हसते हसते प्राण त्याग दिए मगर धर्म नही छोड़ा । उसी देश में हिन्दू सिख अपने बच्चों को सांता क्लोज बना कर गर्व महसूस कर रहे है।

क्या आज तक किसी ईसाई बच्चे को बाल रूप में कृष्ण बनते देखा क्या किसी ईसाई स्कूल में छोटे साहिबजादों का शहीदीपूर्व मनाया गया । क्या ईसाई स्कूलों में ईसाई बच्चों को छोटे साहिबजादों , श्री कॄष्ण श्री राम जी की वेशभूषा में किसी बच्चे को देखा। सोचों और विचार करो !
देशभर में अनेकों तरीकों से धर्म परिवर्तन का खेल जोरोशोरो से खेला जा रहा है। शिकार हो रहे है गरीब जरूरतमंद सिख और हिन्दू परिवार। और हम 25 को क्रिसमस की बधाई दें कर अपने ही हाथों अपनी संस्कृति का गला घोंट रहे है।
इस गम्भीर मुद्दे न्यूज़ चैनल, अखबारें , वेब न्यूज़ पोर्टल भी चुप्पी साधे बैठे है। ऐसे में PLN धर्म रक्षक सिखों और हिंदुओं से अपील करता है कि अपने धर्म की रक्षा का बीड़ा खुद अपने कंधों पर उठाओ।
हम श्री गुरु गोबिंद सिंह की संतानें है उठो जागो और जगाओ उन लोगों को जो बंदर की तरह नकल कर अपनी संस्कृति को भूल अपने बच्चों को लाल टोपियों पहना लंगूर बना रहे है।
हिंदुओ व सिखों को चाहिए कि भूल कर भी फेसबुक व्हाट्सएप पर क्रिसमस की बधाई वाले संदेश पोस्ट न करें।
ये देश सांता क्लोज का नही बल्कि श्री गुरु गोबिंद सिंह महाऋषि वाल्मीकि गुरु रविदास संत कबीर महाऋषि दयानंद स्वामी विवेकानंद आदि संतो का देश है।

आपने बच्चों को सांता क्लोज नही बल्कि छोटे साहिबजादों की तरह वीर धर्मरक्षक बनाएं।
21 से 29 दिसम्बर सिख गुरुओं व उन के परिवार व सतशिष्यों की कुर्बानियों के दिवस है। ये दिन शराब कबाब भोग विलासिता में डूबने के लिए नही बल्कि गुरु वाणी का पठन श्रवण करने व छोटे साहिबजादों की वीरता से प्रेरणा लेने का दिवस है।
अपने बच्चों को सिख गुरुओं की वीरता की गाथाएं सुनाओ। हिंदुओ को भी चाहिए कि वह 25 को तुल्सीपूजन कर तुलसी पूजन दिवस मनाएं।
और 25-12-2020 को श्री गीता जयंती भी है। इस दिन श्री गीता जयंती और तुलसी मां का पूजन करें।




