लुधियाना: पंजाब सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच लंबे समय से जारी खींचतान अब आर-पार की जंग में तब्दील होती दिख रही है। साझा मुलाजिम मंच ने सरकार के रुख के खिलाफ कड़ा फैसला लेते हुए मंगलवार को राज्यभर में कामकाज पूरी तरह ठप करने का ऐलान कर दिया है। मुलाजिमों के इस फैसले से पंजाब और चंडीगढ़ के तमाम सरकारी दफ्तरों में आम जनता से जुड़े क्लेरिकल काम पूरी तरह बंद रहेंगे, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सामूहिक छुट्टी पर रहेगा स्टाफ, दफ्तरों के बाहर भूख हड़ताल की तैयारी
साझा मुलाजिम मंच के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व निर्धारित रणनीति के अनुसार मंगलवार को पूरे पंजाब में मिनिस्टीरियल स्टाफ सामूहिक अवकाश पर रहेगा। हड़ताल के दौरान चंडीगढ़ और मोहाली के कर्मचारी दफ्तरों के बाहर बैठकर भूख हड़ताल करेंगे। मुलाजिम नेताओं का कहना है कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। जब तक सरकार उनकी बातें नहीं सुनती, यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
अल्टीमेटम खत्म होते ही भड़का गुस्सा, संगरूर हमले के विरोध में बड़ा फैसला
सुखचैन सिंह खैहरा के मुताबिक, साझा मुलाजिम मंच ने सरकार को कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए विवादित पत्र को वापस लेने के लिए 7 सितंबर तक का समय दिया था। तय मियाद खत्म होने के बावजूद सरकार ने वह पत्र वापस नहीं लिया। इसके अलावा संगरूर में मुलाजिम नेता मोहनजीत सिंह पर हुए हमले को लेकर भी कर्मचारियों में गहरा रोष है। रविवार को हुई आपात बैठक में यह तय किया गया कि सरकार की इस अनदेखी और हमले के विरोध में दफ्तरों के बाहर भूख हड़ताल कर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा।


No work in government offices across Punjab and Chandigarh tomorrow; employees going on mass leave




