जालंधर (अमन बग्गा) जालंधर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के इंचार्ज मेयर वनीत धीर ने राजनीति पार्टियों को एक बड़ा झटका दिया है। लंबे समय से भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल से जुड़े रहने वाले कई जाने-माने नेताओं को आम आदमी पार्टी में शामिल करवाना सिर्फ दल-बदल की सामान्य घटना नहीं, बल्कि जालंधर नॉर्थ की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत माना जा रहा है।
सवालों के घेरे में अशोक सरीन हिक्की, प्रधानगी पर उठ रहे सवाल?
भाजपा के जिला प्रधान अशोक सरीन हिक्की के सामने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि जिला प्रधान की जिम्मेदारी केवल संगठन की औपचारिक गतिविधियों तक सीमित है या फिर पार्टी के पुराने नेताओं, कार्यकर्ताओं और नाराज साथियों को साथ लेकर चलना भी उनकी जिम्मेदारी है? अगर कोई पुराना नेता भाजपा से नाराज है, तो क्या उसे मनाने और वापस जोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए? क्या नाराज लोगों को साथ लिए बगैर चुनाव जीतना आसान हैं?
आज जो लोग AAP के मंच पर दिखाई दे रहे हैं, क्या उनका भाजपा से दूर होना स्थानीय संगठन के लिए राजनीतिक अलार्म नहीं है? प्रधान हिक्की यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि इनमें से कुछ लोगों को वर्ष 2024 में ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था। बड़ा सवाल यह है कि इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें वापस जोड़ने, उनके समर्थकों को अपने साथ बनाए रखने और नॉर्थ हलके में संगठन को मजबूत करने के लिए कितनी गंभीर राजनीतिक कोशिश की?
‘सियासी खेल’ की चर्चा ने बढ़ाई हलचल!
जालंधर नॉर्थ की राजनीति में अब एक और चर्चा ने जोर पकड़ लिया है—क्या भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है? राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर पार्टी के पुराने और प्रभावशाली चेहरे लगातार AAP के साथ खड़े होते नजर आएंगे, तो इसका सीधा राजनीतिक नुकसान किसे होगा? इसी बीच यह चर्चा भी सियासी गलियारों में सुनाई दे रही है कि क्या अंदरखाते के.डी. भंडारी को कमजोर करने का कोई राजनीतिक खेल चल रहा है? अगर ऐसा खेल नहीं चल रहा तो अशोक सरीन हिक्की ने प्रधान बनने के बाद पुराने और नाराज नेताओं को मनाने के लिए कितनी बार कॉल मैसेज या मीटिंग की। हालांकि इस तरह की चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों ने इस सवाल को जरूर हवा दे दी है कि आखिर भाजपा प्रधान अशोक सरीन हिक्की की भाजपा को मजबूत करने के लिए क्या रणनीति है?
अगर भाजपा नेतृत्व और जिला संगठन इन घटनाक्रमों को केवल ‘निष्कासन’ या ‘दल-बदल’ का मामला मानकर नजरअंदाज करता रहा, तो आने वाले चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है। चुनाव के समय केवल यह मायने नहीं रखता कि कौन पार्टी से निष्कासित हो चुका है; मायने यह रखता है कि जमीन पर कौन आपके साथ खड़ा है।
BJP के लिए खतरे की घंटी! संगठन को मजबूत रखने में विफल हो रहे हिक्की ?
आज सवाल यह नहीं कि AAP में शामिल होने वाले लोग पहले भाजपा में थे या नहीं। बड़ा सवाल यह है कि वे आज भाजपा के साथ क्यों नहीं हैं? क्या पार्टी नेतृत्व के पास पुराने साथियों को वापस जोड़ने की कोई ठोस रणनीति है? क्या अशोक सरीन हिक्की और के.डी. भंडारी जालंधर नॉर्थ में भाजपा के संगठन को एकजुट रखने में विफल हो रहे हैं?
क्या मेयर वनीत धीर की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता आने वाले चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत बनने जा रही है?
जालंधर नॉर्थ की राजनीति में अब मुकाबला सिर्फ AAP बनाम BJP का नहीं दिखाई दे रहा। असली मुकाबला संगठन, नेतृत्व और लोगों को अपने साथ जोड़कर रखने की क्षमता का भी है। अशोक सरीन और कैडी भंडारी में फिलहाल यह क्षमता दिखाई नहीं दे रही हैं।
अब सवाल यह है कि आने वाले समय में कौन अपना राजनीतिक कुनबा मजबूत करता है और कौन अपने पुराने साथियों को खोता है।
लगातार दो बार चुनाव हारने वाले के.डी. भंडारी के पुराने राजनीतिक प्रभाव पर भी खतरा
जालंधर नॉर्थ में भाजपा के पूर्व विधायक के.डी. भंडारी लंबे समय तक पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने भी सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है कि उनके पुराने राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र में AAP लगातार अपनी जमीन कैसे मजबूत कर रही है?
के.डी. भंडारी के लिए भी यह समय आत्ममंथन का है कि नॉर्थ हलके में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जोड़ने के लिए उनकी रणनीति क्या होगी। आज की राजनीति में जमीन पर उतरकर हर कार्यकर्ता, हर परिवार और हर नाराज व्यक्ति को साथ लेकर चलना जरूरी होगा।
AAP में शामिल होने वाले खास लोगों में शामिल है ये बड़े सक्रिय नेता
श्री हतिंदर तलवार हनी जी — शहर के जाने-माने इंडस्ट्रियलिस्ट और पप्पी स्वीट्स के मालिक हैं। वे लंबे समय से BJP से जुड़े हैं और पार्टी में अलग-अलग लेवल पर एक्टिव रोल निभा चुके हैं। उनका पॉलिटिकल सफर ABVP के डिस्ट्रिक्ट वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर शुरू हुआ था। इसके बाद, उन्होंने बूथ प्रेसिडेंट, जालंधर एग्जीक्यूटिव मेंबर, यूथ फाइनेंस को-इंचार्ज और यूथ वाइस प्रेसिडेंट समेत कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।


नरेंद्र मोदी टीम में शामिल होकर उन्होंने अपने पॉलिटिकल सफर में जो जिम्मेदारी निभाई, वह भी खास तौर पर अहम रही है। इसके अलावा, वे अटल सेना के नेशनल यूथ जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। वे साल 2026 में ह्यूमन राइट्स काउंसिल इंडिया के स्टेट प्रेसिडेंट के तौर पर भी काम कर रहे हैं। उनके AAP में शामिल होने से जालंधर नॉर्थ में पार्टी को काफी मजबूती मिली है।

श्रीमती शशि जी — 1982 से BJP से जुड़े परिवार से हैं और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर काम कर चुकी हैं। लंबे पॉलिटिकल बैकग्राउंड वाले इस परिवार का आम आदमी पार्टी में शामिल होना BJP के लिए एक बड़ा पॉलिटिकल झटका माना जा रहा है।
श्री अश्वनी भगत जी — कांग्रेस के एक मज़बूत परिवार से हैं जो लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हैं। आज वे अपने परिवार के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
श्री हसन सोनी जी — लंबे समय से BJP से जुड़े परिवार से हैं। वे BJP मंडल नंबर 4 नॉर्थ के जनरल सेक्रेटरी रह चुके हैं। इसके अलावा, वे ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब जालंधर के जनरल सेक्रेटरी के तौर पर भी अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं। आज वे आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
श्री शिव कालरा जी — वे वार्ड नंबर 75 से इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर नगर निगम चुनाव लड़ चुके हैं। आम आदमी पार्टी की लोगों के लिए काम करने वाली पॉलिसी और डेवलपमेंट वाली सोच से प्रभावित होकर, आज वे ‘AAP’ में शामिल हो गए।
सरदार बलबीर सिंह बधान जी — ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऑर्गनाइज़ेशन के पंजाब स्टेट प्रेसिडेंट और इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस के नेशनल वाइस चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं। उनके AAP में शामिल होने से पार्टी को सोशल और पब्लिक सेक्टर में और मज़बूती मिली है।
श्री नीरज कश्यप जी — 25 साल से ज़्यादा समय से BJP से जुड़े परिवार से हैं। उन्होंने BJP मंडल नंबर 4 के OBC मोर्चा प्रेसिडेंट, बूथ कोऑर्डिनेटर और ह्यूमन राइट्स काउंसिल जालंधर के सेक्रेटरी के तौर पर काम किया है। आज उन्होंने BJP को अलविदा कह दिया और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
2 युवा मोर्चा के प्रेसिडेंट भी रह चुके
श्री सनी दुआ जी — लंबे समय से BJP से जुड़े हैं और बूथ लेवल पर पार्टी के लिए एक्टिव रूप से काम करते रहे हैं। वे BJP मंडल नंबर 2 युवा मोर्चा के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। इसके अलावा, श्री गौहरी संगीत मंडल जालंधर के प्रेसिडेंट के तौर पर भी काम कर रहे हैं।
श्री सूबेदार यादव जी — कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर वाइस प्रेसिडेंट और OBC मोर्चा की ज़िम्मेदारी संभाल चुके हैं। आज वे भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
एक्टिविटीज़ में एक्टिव रोल निभाते रहे
श्री सुखवीर सिंह जी — कट्टर अकाली दल परिवार से हैं और जालंधर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के एक्टिव युवा नेता हैं, आज आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
श्री ताराम तनवीर सिंह जी — लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और पार्टी की एक्टिविटीज़ में एक्टिव रोल निभाते रहे हैं। आज उन्होंने भी कांग्रेस को अलविदा कहकर आम आदमी पार्टी में अपनी आस्था जताई। इन जानी-मानी हस्तियों और परिवारों के ‘AAP’ में शामिल होने से जालंधर नॉर्थ में आम आदमी पार्टी का बेस और मज़बूत हुआ है। अलग-अलग पॉलिटिकल, सोशल और बिज़नेस फील्ड में अनुभव रखने वाली इन हस्तियों के शामिल होने से पार्टी को ग्रासरूट लेवल पर भी बड़ी बढ़त मिली है।


District President Ashok Sarin is unable to manage the BJP in Jalandhar; the party is falling apart




