चंडीगढ़: राजधानी चंडीगढ़ का सबसे पॉश और सुरक्षित माने जाने वाला सेक्टर-9 बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। यहां एक युवा प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खौफनाक वारदात चंडीगढ़ प्रशासन और एसएसपी दफ्तर से महज दो-तीन मिनट की दूरी पर अंजाम दी गई है। मृतक की पहचान मुल्लांपुर के कुब्बाहेड़ी गांव निवासी 31 वर्षीय चरणप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जिसे पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
जिम से निकलकर गाड़ी में बैठते ही हुआ जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार, चरणप्रीत सिंह बुधवार को जिम में वर्कआउट करने के बाद बाहर निकले और जैसे ही अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे, तभी वहां बाइक पर सवार होकर आए अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने बिना कोई मौका दिए 12 राउंड गोलियां दागीं, जो सीधे चरणप्रीत के पेट, छाती और बाजू में जा धंसी। लहूलुहान हालत में वह ड्राइविंग सीट पर ही लुढ़क गए। आनन-फानन में उनके साथी उन्हें एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में डालकर पीजीआई (PGI) की तरफ भागे, लेकिन शरीर से खून ज्यादा बह जाने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस से मांगी थी सुरक्षा, हथियारों का लाइसेंस भी था पेंडिंग
इस वीवीआईपी इलाके में हुए हत्याकांड ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके पर पहुंचे मोहाली के कांग्रेस नेता कमलजीत सिंह ने पुलिस की लापरवाही का बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि अविवाहित चरणप्रीत पिछले काफी समय से रियल एस्टेट का कारोबार कर रहे थे और करीब डेढ़ साल पहले ही उन्होंने अपना ऑफिस खोला था। चरणप्रीत को कुछ समय से लगातार थ्रेट कॉल्स (धमकियां) आ रही थीं, जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने पुलिस को भी दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उनकी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया और कोई सिक्योरिटी मुहैया नहीं कराई। हैरान करने वाली बात यह भी है कि मृतक ने अपनी सुरक्षा के लिए हथियारों के लाइसेंस का आवेदन किया हुआ था, जो प्रशासन के पास पेंडिंग पड़ा था।
बैक-टू-बैक फायरिंग की घटनाओं पर पुलिस के आला अधिकारियों ने साधी चुप्पी
यह वारदात शहर के उस इलाके में हुई है, जहां पुलिस की मुस्तैदी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। वारदात की सूचना मिलते ही एसपी सिटी केएम प्रियंका और डीएसपी दलबीर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच की और वहां से 12 खाली खोल बरामद किए हैं। जब मीडिया ने डीएसपी दलबीर से सवाल किया कि एक दिन पहले पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग हुई और अब सेक्टर-9 में सरेआम कत्ल हो गया, तो अधिकारी ने इन तीखे सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

Property Dealer Gunned Down in Broad Daylight Just Steps Away from SSP’s Office; 12 Bullets Fired




