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क्षमता 25 हजार और ठूंस दिए 30 हजार कैदी… पंजाब की जेलों की बदहाली पर CAG रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे

चंडीगढ़: पंजाब की जेलों की बदहाली और वहां क्षमता से अधिक कैदियों को रखने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य की जेल व्यवस्था की पूरी पोल खोलकर रख दी है। साल 2020 से मार्च 2023 तक के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब की अधिकतर जेलों में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है और हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कैदियों के रहने के लिए पर्याप्त जगह तक नहीं बची है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस अहम रिपोर्ट को पंजाब विधानसभा में पेश तो कर दिया गया, लेकिन सदन में इस पर कोई चर्चा ही नहीं हुई।

26 जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी

कैग की रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च 2023 तक पंजाब की 26 जेलों की कुल क्षमता 25,824 कैदियों की थी, लेकिन असल में इन जेलों के अंदर 30 हजार से ज्यादा कैदी भरे हुए थे। यानी तय सीमा से 4,145 कैदी अतिरिक्त रखे गए थे। महिला जेलों का हाल भी इसी तरह लगातार तीन साल तक खराब रहा। रिपोर्ट में जेलों के अंदर अत्यधिक भीड़, जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर, खराब मेडिकल सुविधाओं और साफ-सफाई की भारी कमी को गंभीर चिंता का विषय बताया गया है। कैग ने स्पष्ट किया है कि अगर कुछ पुरुष कैदियों को खुली जेलों में शिफ्ट किया जाता तो यह भीड़ काफी हद तक कम हो सकती थी, लेकिन केवल 30 प्रतिशत योग्य कैदियों को ही वहां भेजा गया। विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) की चेतावनियों के बावजूद जेल प्रशासन ने कैदियों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

पुलिस एस्कॉर्ट की कमी और निर्माण में देरी ने बढ़ाई मुसीबत

जेलों में इस कदर भीड़ बढ़ने की सबसे बड़ी वजह विचाराधीन कैदियों का लंबे समय तक जेल में बंद रहना और नई जेलों के निर्माण कार्यों में हो रही भारी देरी है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि साल 2020 से 2023 के बीच कुल 5,57,412 अदालती सुनवाइयों में से करीब 27 प्रतिशत (1,48,274 पेशियां) सिर्फ इसलिए नहीं हो सकीं क्योंकि कैदियों को कोर्ट तक ले जाने के लिए पुलिस एस्कॉर्ट (सुरक्षाकर्मी) ही उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा, भीड़भाड़ कम करने के लिए शुरू किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी कछुआ चाल से चल रहे हैं। साल 2016 में असुरक्षित घोषित की गई नाभा जिला जेल का निर्माण लंबी प्रक्रियाओं के बाद जून 2023 में शुरू हो सका और मई 2024 तक इसका महज 36 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया था। वहीं, मानसा जेल का हाल सबसे खौफनाक रहा, जहां निर्माण और मरम्मत में देरी के चलते 332 कैदियों की क्षमता वाली जेल में 629 कैदियों को एक साथ ठूंसने पर मजबूर होना पड़ा।

Capacity: 25,000; Crammed In: 30,000 Prisoners… Shocking Revelations from CAG Report