
कुरुक्षेत्र: एक महिला डॉक्टर के यौन शोषण और एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में फरार चल रहे हरियाणा के यमुनानगर के 55 वर्षीय सिविल सर्जन (CMO) डॉक्टर मंजीत सिंह की आज हार्ट अटैक से मौत हो गई। मामला दर्ज होने के बाद से ही डॉ. सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। आज सुबह उन्हें कुरुक्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस पर दिल का दौरा पड़ा, जहां वह छिपे हुए थे।
परिजनों के अनुसार, डॉ. मंजीत सिंह रविवार रात को बिल्कुल ठीक सोए थे, लेकिन सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत कुरुक्षेत्र के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
यमुनानगर की एक 25 वर्षीय महिला डॉक्टर ने सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह पर यौन उत्पीड़न और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए 22 सितंबर को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि सीएमओ अक्सर नशे की हालत में रहते थे और उसे बेवजह अपने दफ्तर में बुलाकर असहज करते थे।

आरोप है कि 20 सितंबर को सीएमओ ने महिला डॉक्टर को फोन कर 10 मिनट में तैयार होने को कहा और आपत्तिजनक रूप से यौन संबंध बनाने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने पीड़िता की जाति पर भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। महिला डॉक्टर ने यह पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी, जो इस केस में एक अहम सबूत बन गई। जिला अदालत ने इस रिकॉर्डिंग को सुनते हुए इसे “अत्यंत अश्लील भाषा” करार दिया था और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
केस दर्ज होते ही डॉ. मंजीत सिंह फरार हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी बीच, सिंह के वकील उनकी अग्रिम जमानत के लिए प्रयास कर रहे थे। सत्र न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट जाने की तैयारी में थे।
वहीं, इस मामले में पीड़ित महिला डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि सीएमओ के परिजन (पत्नी, बेटी और साला) उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, ये लोग उसके घर आकर गाली-गलौज करते थे और परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे।
View this post on Instagram


The CMO who was wanted by the police in connection




