
चंडीगढ़: सितंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन पंजाब में गर्मी और उमस का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। तापमान के सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस ऊपर बने रहने के कारण बिजली की मांग ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे पूरा सूबा गंभीर बिजली संकट की चपेट में आ गया है। मांग 13,500 मेगावाट के पार पहुंच चुकी है और लोगों को रोजाना 5 से 6 घंटे के लंबे और अघोषित बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारियों के अनुसार, सितंबर के अंत में बिजली की इतनी अधिक मांग पहले कभी नहीं देखी गई। आज, सोमवार को, बिजली की मांग 13,511 मेगावाट दर्ज की गई, जिसके 14,000 से 15,000 मेगावाट तक पहुंचने की आशंका है। आमतौर पर इन दिनों में मांग 10 हजार मेगावाट के करीब रहती है।
चिंता की बात यह है कि पंजाब के अपने पावर प्लांट अपनी कुल 6500 मेगावाट क्षमता के मुकाबले महज 4000 मेगावाट के आसपास ही बिजली पैदा कर रहे हैं। इस भारी अंतर को पाटने के लिए PSPCL को केंद्रीय पूल से 9695 मेगावाट बिजली खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

अघोषित बिजली कटों ने आम लोगों और उद्यमियों, दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जालंधर बाईपास निवासी राजेश ने बताया, “पिछले 4-5 दिनों से बिजली की भारी किल्लत है। रोजाना 5 से 6 घंटे का कट लग रहा है। ट्रांसफार्मर जल रहे हैं और गलियों में मीटरों को आग लग रही है, जिससे बच्चे और बड़े सभी परेशान हैं।”
बढ़ी हुई खपत के कारण बिजली का बुनियादी ढांचा भी जवाब देने लगा है। ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर और बिजली के मीटरों में आग लगने की घटनाएं आम हो गई हैं, खासकर लुधियाना में मीटर बॉक्स में आग लगना रोज की बात हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान में कमी आने के कोई आसार नहीं हैं। ऐसे में यह साफ है कि आने वाले दिनों में पंजाब में बिजली संकट और भी गहरा सकता है, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ेंगी।
View this post on Instagram


Power crisis deepens in Punjab




