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पंजाब की बदलेगी तकदीर: 6 जिलों में मिले तेल और गैस के विशाल भंडार, पोटाश और सोने की खोज भी हुई तेज- केंद्र ने मंजूर किए 19 करोड़ रुपए

चंडीगढ़: पंजाब के दिन अब सचमुच फिरने वाले हैं और सूबे की अर्थव्यवस्था को बहुत जल्द एक ऐतिहासिक पंख लगने वाले हैं। कृषि के दम पर देश का पेट भरने वाले पंजाब की उपजाऊ धरती अब सिर्फ अनाज ही नहीं, बल्कि बेशकीमती ‘काला सोना’ भी उगलने को तैयार है। राज्य के छह अलग-अलग जिलों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार छिपे होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। इस चौंकाने वाली खोज ने राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक को अलर्ट कर दिया है। जल्द ही इस छिपे हुए खजाने को धरती से बाहर निकालने के लिए एक मेगा सर्वे शुरू किया जा रहा है, जो पंजाब की तकदीर पूरी तरह से बदल सकता है।

इन छह जिलों में चलेगा जमीन के अंदर महा-सर्च अभियान

पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर गोयल ने विधानसभा में यह बेहद अहम और उत्साहजनक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि राज्य के श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला जिलों में तेल और प्राकृतिक गैस के भारी भंडार होने के संकेत मिले हैं। हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ-साथ ऑयल इंडिया लिमिटेड की टीम ने राज्य का दौरा कर इन संभावनाओं की पुष्टि की है। इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र ने पंजाब से पूरा सहयोग मांगा है। मंत्री गोयल ने इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए इन सभी संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि केंद्रीय जांच और सर्वे टीमों को हर संभव प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाए।

पोटाश की खोज भी हुई तेज, केंद्र ने मंजूर किए 19 करोड़ रुपये

कच्चे तेल और गैस के अलावा राज्य में पोटाश के भी बड़े भंडार होने की उम्मीद जगी है। खनन मंत्री ने हाल ही में केंद्र सरकार के सामने पोटाश की खोज के काम को तेज करने का कड़ा मुद्दा उठाया था, जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आ गया है। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत 19 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर कर दी है। वर्तमान में राज्य के 10 अलग-अलग स्थानों पर पोटाश की खोज के लिए ड्रिलिंग का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। केंद्रीय टीमों ने अब तक निकाले गए सैंपल्स पर अपनी पूरी संतुष्टि जताई है। यह पूरे देश के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि भारत को भारी मात्रा में पोटाश दूसरे देशों से आयात करना पड़ता है। अगर पंजाब में इसके भंडार प्रमाणित हो जाते हैं, तो यह अकेले ही पूरे देश की मांग को पूरा करने में सक्षम हो सकता है। आपको बता दें कि पंजाब के साथ-साथ राजस्थान के बाड़मेर, सांचौर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर इलाकों में भी इसी तर्ज पर सर्वे किया जाना है।

पिछली सरकारों ने की अनदेखी, अब सोने के खजाने पर टिकी नजरें

पंजाब की धरती के गर्भ में सिर्फ तेल और गैस ही नहीं, बल्कि बेशकीमती सोने के भंडार होने का भी तगड़ा अनुमान लगाया गया है। मंत्री बरिंदर गोयल ने पिछली सरकारों पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसी ने भी इस अनमोल खजाने को खोजने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। लेकिन अब सरकार ने इस दिशा में अपने कदम तेजी से बढ़ा दिए हैं और सोने के भंडार का सटीक पता लगाने के लिए सर्वे की रफ्तार बढ़ा दी गई है। इस पूरे बहुमूल्य मिशन यानी तेल और सोने की खोज को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभाग ने दो विशेष अधिकारियों की तत्काल प्रभाव से तैनाती भी कर दी है। ये अधिकारी सीधे केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ संवाद करेंगे और हर स्तर पर पूरा सहयोग सुनिश्चित करेंगे।

Punjab’s fortunes set to change: Vast oil and gas reserves discovered across six districts