अमृतसर: स्वतंत्रता दिवस के जश्न से पहले देश को दहलाने की पाकिस्तान की एक और नापाक साजिश को पंजाब पुलिस ने पूरी तरह से नाकाम कर दिया है। 15 अगस्त से ठीक पहले एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अमृतसर देहात पुलिस ने अजनाला इलाके से एक खौफनाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ‘खालिस्तान लिबरेशन फोर्स’ (KLF) से जुड़े चार खतरनाक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी स्वतंत्रता दिवस के आसपास पंजाब में किसी बहुत बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी कर चुके थे।
ISI के इशारे पर हो रही थी दहशत फैलाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान रामदास क्षेत्र के रहने वाले करणवीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। यह मॉड्यूल पूरी तरह से पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारों पर काम कर रहा था। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकियों से गुप्त स्थान पर लगातार पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके नेटवर्क में शामिल अन्य स्लीपर सेल्स, हथियारों की सप्लाई चैन और इनके बाकी मददगारों का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस थानों पर बोतल बम और ग्रेनेड से कर चुके हैं हमले
इस बड़े ऑपरेशन की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवल प्रीत सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद खतरनाक है और पहले भी सुरक्षा बलों को निशाना बना चुका है। यह मॉड्यूल मुख्य रूप से पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड व बोतल बम से हमला करने में संलिप्त रहा है। कड़ी पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि हाल ही में 23 जुलाई की आधी रात को अजनाला के अंतर्गत आने वाली चमियारी पुलिस चौकी पर जो बोतल बम से हमला हुआ था, उसके पीछे भी इसी गिरोह का ही हाथ था। हालांकि, उस वक्त इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था और पुलिस ने भी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि करने से परहेज किया था, लेकिन अब इस हमले के सारे तार इसी मॉड्यूल से जुड़ गए हैं।
ASI की हत्या और खासा आर्मी कैंप के बाहर ब्लास्ट में भी थे शामिल
इन चारों आतंकियों की गिरफ्तारी से पंजाब में हुए कई पुराने और अनसुलझे मामलों से भी बड़ा पर्दा उठ रहा है। पुलिस के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात एएसआई (ASI) जोगा सिंह की निर्मम हत्या और खासा स्थित महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्र के बाहर हुए धमाके में भी इसी खूंखार मॉड्यूल की सीधी भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड के दौरान इन आरोपियों से हथियारों की तस्करी और भविष्य की अन्य खौफनाक साजिशों को लेकर कई और चौंकाने वाली अहम जानकारियां मिल सकती हैं। फिलहाल पुलिस की कई टीमें इनके बाकी साथियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।


Plot to rock Punjab before August 15 foiled; 4 dreaded Khalistan Liberation Force terrorists arrested








