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चंडीगढ़ में अमृतपाल के समर्थकों और पुलिस के बीच भारी बवाल, बैरिकेड्स तोड़ वाटर कैनन का मोड़ा मुंह; CM आवास की तरफ कूच

चंडीगढ़: पंजाब के खडूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर चंडीगढ़ में भारी हंगामा देखने को मिला है। अमृतपाल सिंह की पार्टी ‘अकाली दल (वारिस पंजाब दे)’ के कार्यकर्ता और समर्थक बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहर में घुसने से रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आक्रोशित समर्थकों ने बैरिकेड्स उखाड़कर फेंक दिए और पुलिस से लोहा लेते हुए चंडीगढ़ की सीमा में प्रवेश कर लिया। अब यह हुजूम सेक्टर 2 स्थित मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास के घेराव के लिए आगे बढ़ रहा है।

पुलिस ने चलाई वाटर कैनन, प्रदर्शनकारियों ने मोड़ दिया मुंह

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर वाटर कैनन से पानी की जोरदार बौछारें कीं। इस दौरान पानी की तेज धार के कारण कई समर्थकों की पगड़ियां तक उतर गईं। हालांकि, इससे प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हुआ और उन्होंने उग्र होते हुए वाटर कैनन का मुंह ही दूसरी तरफ मोड़ दिया। पुलिस की तमाम कोशिशों को नाकाम करते हुए समर्थक बैरिकेड्स तोड़कर चंडीगढ़ में दाखिल हो गए और सीधे सीएम आवास की तरफ बढ़ने लगे।

ट्रैफिक हुआ बुरी तरह प्रभावित, स्कूली बच्चे और पेरेंट्स परेशान

इस बड़े और उग्र प्रदर्शन का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। प्रदर्शन के चलते चंडीगढ़ के सेक्टर-45 गऊशाला से मोहाली फेज-8 की तरफ जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। रास्तों पर जाम लगने और हंगामे की वजह से स्कूली बच्चों और उनके पेरेंट्स को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन लगातार हालात को काबू में करने और ट्रैफिक को सुचारू बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा, झूठे केस में फंसाने का आरोप

इस पूरे हंगामे के बीच पार्टी के नेता और विधायक मनप्रीत अयाली ने सफाई देते हुए कहा कि वे लोग यहां पूरी तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आए हैं और उनका मकसद किसी तरह की तोड़फोड़ करना नहीं है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, लेकिन जेल में बंद होने के कारण वह एक सांसद के तौर पर अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, सांसद अमृतपाल के वकील इमान सिंह खारा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमृतपाल से एनएसए (NSA) तो हटाई जा चुकी है, लेकिन अजनाला हिंसा और 11 अन्य झूठे केस दर्ज करके उन्हें जानबूझकर असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद रखा गया है।

Major confrontation in Chandigarh between Amritpal’s supporters and the police