जालंधर: जालंधर नगर निगम में पिछले तीन दिनों से चल रहा घमासान आखिरकार शांत हो गया है। 1132 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे नगर निगम के मुलाजिमों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है। यह धरना मेयर विनीत धीर द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन और कर्मचारियों की शर्तों को मानने की सहमति के बाद खत्म हुआ है।
बुधवार को मेयर विनीत धीर ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और यूनियन नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि उनकी समस्याएं उनकी प्राथमिकता हैं और जल्द ही इनका स्थायी हल निकाला जाएगा। मेयर के आश्वासन के बाद यूनियन ने अपनी शर्तों पर विरोध प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया। धरना खत्म होने से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि सफाई व्यवस्था और निगम के कामकाज पर इसका बुरा असर पड़ रहा था।
इससे पहले, बुधवार सुबह तक विरोध प्रदर्शन अपने चरम पर था। लगातार तीसरे दिन भी कर्मचारियों ने निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़े रखा। विरोध के चलते कार्यालय परिसर में जेसीबी मशीनें, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन खड़े कर दिए गए थे, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
यूनियन प्रधान मट्टू की अगुआई में कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों के कारण युवाओं को बेरोजगारी और अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने पहले अल्टीमेटम दिया था कि जब तक 1132 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का लिखित आदेश नहीं मिलता, वे नहीं हटेंगे। हालांकि, अब मेयर के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद गतिरोध टूट गया है और कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार हो गए हैं।

Jalandhar Municipal Corporation employees’ strike ends: Agreement reached on Mayor Vineet Dhir’s assurance








