चंडीगढ़: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) में हुए 75.4 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को भारतीय वन सेवा (IFoS) के अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और उनकी निजी कंपनी मैसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में मनी ट्रेल और सरकारी पद के दुरुपयोग को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
सीबीआई ने दाखिल आरोप पत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, सबूत नष्ट करने, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने की गंभीर धाराएं लगाई हैं। इसके साथ ही लोक सेवक के रूप में रिश्वतखोरी, आपराधिक कदाचार और अपराध के लिए उकसाने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं को भी शामिल किया गया है।
क्रेस्ट के फंड से पत्नी की कंपनी में ट्रांसफर किए 95 लाख रुपये
सीबीआई के मुताबिक, नवनीत श्रीवास्तव ने क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर रहते हुए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। उन्होंने सरकारी फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया और अवैध लाभ कमाया। जांच एजेंसी का आरोप है कि विपम कंसल्टेंसी और उसकी निदेशक (श्रीवास्तव की पत्नी) इस पूरी साजिश का हिस्सा थीं। घोटाले की कुल रकम में से 95 लाख रुपये इस निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए, जिसका इस्तेमाल बाद में अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। आरोपी अफसर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
चंडीगढ़ और हरियाणा के 504 करोड़ के बड़े बैंकिंग फ्रॉड से जुड़े तार
क्रेस्ट का यह घोटाला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) की शाखा में हुए विशाल बैंकिंग फ्रॉड नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। उस घोटाले में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संगठनों के लगभग 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड को जाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए ठिकाने लगाया गया था। हरियाणा विजिलेंस से केस हाथ में लेने के बाद सीबीआई उस मामले में अब तक 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है, जबकि क्रेस्ट मामले में कुल चार्जशीटेड आरोपियों की संख्या अब 16 तक पहुंच गई है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी 78 करोड़ का गबन, जांच जारी
सीबीआई इस सिंडिकेट से जुड़े तीसरे मामले की भी पड़ताल कर रही है, जो चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और चंडीगढ़ नगर निगम से संबंधित है। उस मामले में भी नगर निगम से 78 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि तीनों मामलों में फंड के अंतिम छोर तक पहुंचने और पर्दे के पीछे छिपे अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच अभी पूरी गति से जारी है।


Action taken in Chandigarh’s high-profile 75 crore CREST scam; CBI files charge sheet against an IFoS officer and his wife




