
जालंधर: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल जगतार सिंह तारा को जालंधर की जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मंगलवार को तारा को 2009 के एक UAPA और आर्म्स एक्ट के मामले में बरी कर दिया है। यह मामला जालंधर के भोगपुर थाने में दर्ज किया गया था।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार की अदालत ने सबूतों के अभाव में यह फैसला सुनाया। जानकारी के मुताबिक, साल 2009 में भोगपुर थाने में जगतार सिंह तारा के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 17, 18, 20 और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई थी।
मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें जगतार सिंह तारा को चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उनके वकील एसकेएस हुंदल ने उनकी ओर से पैरवी की। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष तारा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा, जिसके चलते उन्हें बरी कर दिया गया।

गौरतलब है कि जगतार सिंह तारा का नाम पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में मुख्य आरोपियों के तौर पर शामिल है। इस मामले में जगतार सिंह हवारा और परमजीत सिंह भ्यौरा भी तारा के साथ थे।
यही नहीं, ये तीनों आतंकी चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल ब्रेक कांड के भी मुख्य आरोपी हैं। इन तीनों ने जेल की बैरक में टॉयलेट सीट को उखाड़कर 94 फीट लंबी सुरंग खोद डाली थी। सुरंग खोदते समय मिट्टी को छिपाने के लिए वे उसे दीवारों पर लेप देते थे। यह सुरंग जेल की बाहरी दीवार तक खोदी गई थी, जिसके रास्ते वे दीवार फांदकर फरार हो गए थे।
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Jalandhar court acquits Jagtar Singh Tara




