जालंधर: देश भर में चल रहे इंडिगो एयरलाइंस के संकट का असर अब पंजाब के दोआबा क्षेत्र में भी साफ दिखाई देने लगा है। जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हवाई सफर का विकल्प बंद होने के बाद अब यात्रियों ने मजबूरी में सड़क मार्ग का रुख कर लिया है, जिसके चलते जालंधर से दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाली टैक्सियों और वोल्वो बसों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। अचानक बढ़ी इस मांग से टैक्सी ऑपरेटरों का काम तो बढ़ गया है, लेकिन यात्रियों को दिल्ली पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
आदमपुर से उड़ानें रद्द होने का सीधा असर टैक्सी बुकिंग पर पड़ा है। टैक्सी यूनियन के प्रधान इशांत ने बताया कि इंडिगो का संकट शुरू होने के बाद से उनके पास दिल्ली एयरपोर्ट जाने वालों की बुकिंग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। जहां सामान्य दिनों में दिल्ली के लिए रोजाना करीब 10 बुकिंग आती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 50 के करीब पहुंच गया है। इसी तरह, संविधान चौक (बीएमसी) स्थित बावा टैक्सी यूनियन के प्रधान ने भी पुष्टि की है कि हालांकि जालंधर से घरेलू उड़ान भरने वालों की संख्या सीमित रहती है, लेकिन मौजूदा हालात में दिल्ली जाने के लिए टैक्सियों की पूछताछ के फोन लगातार घनघना रहे हैं। उनके यहां से भी अब रोजाना 15 से 20 टैक्सियां दिल्ली के लिए बुक की जा रही हैं, क्योंकि लोग फ्लाइट के भरोसे नहीं बैठना चाहते।
हवाई सेवा बाधित होने का असर लग्जरी बस सेवाओं पर भी साफ देखा जा सकता है। जालंधर बस स्टैंड के पास स्थित इंडो-कनाडियन बस सर्विस के कार्यालय के बाहर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ जुटने लगी है। यहां मौजूद यात्रियों ने बताया कि उन्हें दिल्ली से आगे की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पकड़नी हैं। चूंकि उन्होंने इंडिगो की टिकट नहीं ली थी, इसलिए उनकी मुख्य यात्रा सुरक्षित है, लेकिन दिल्ली तक पहुंचने के लिए अब उन्हें बस का सहारा लेना पड़ रहा है। गौरतलब है कि जालंधर और आसपास का दोआबा क्षेत्र एनआरआई बेल्ट माना जाता है, जहां से बड़ी संख्या में यात्री कनाडा और अमेरिका का सफर करते हैं। इन यात्रियों का कहना है कि इंडिगो की घरेलू उड़ानें रद्द होने से उनकी विदेश यात्रा पर सीधा असर तो नहीं पड़ा, लेकिन कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली तक का सफर अब चुनौती बन गया है।

IndiGo flight cancellations have increased pressure on roads, leading to a huge surge in demand for taxis from Jalandhar to Delhi




