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जालंधर में मौत का कुआं बना अधूरा पुल: घने कोहरे के कारण खोदे गए गड्ढे में जा गिरी कार, बाल-बाल बची ड्राइवर की जान

जालंधर: जालंधर-होशियारपुर मार्ग पर स्थित गांव खुर्दपुर में बीती रात घनी धुंध और प्रशासन की लापरवाही का एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। यहां सालों से अधूरे पड़े पुल के निर्माण कार्य के चलते खोदे गए गहरे गड्ढे में एक कार अनियंत्रित होकर गिर गई। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में कार चालक की जान बच गई और उसे केवल मामूली चोटें आई हैं। हादसा इतना जबरदस्त था कि गड्ढे में गिरते ही कार पलट गई, लेकिन ड्राइवर की किस्मत अच्छी थी कि वहां लगे लोहे के सरियों और बीम के जाल के बीच वह सुरक्षित बच निकला।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित कार चालक होशियारपुर की एक निजी कंपनी में काम करता है और देर रात अपनी ड्यूटी खत्म कर रामामंडी स्थित अपने घर लौट रहा था। वह इस रास्ते से रोज गुजरता है, लेकिन बीती रात धुंध का प्रकोप इतना ज्यादा था कि उसे सड़क के बीचों-बीच खुदा हुआ गड्ढा दिखाई ही नहीं दिया और कार सीधे उसमें जा समाई। चालक ने बताया कि धुंध के कारण उसकी कार की रफ्तार काफी कम थी, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया। अगर गाड़ी की स्पीड तेज होती तो परिणाम जानलेवा हो सकते थे। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उसे पलटी हुई कार से सुरक्षित बाहर निकाला।

स्थानीय लोगों ने बताया कि खुर्दपुर गांव के पास यह पुल पिछले कई सालों से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य के नाम पर सड़क के बीच में पिलर खड़े करने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं, जिनमें नुकीले लोहे के सरिए और बीम लगे हुए हैं। होशियारपुर से जालंधर आते समय कठार के बाद जैसे ही खुर्दपुर शुरू होता है, सड़क दो हिस्सों में बंट जाती है। ऐसे में, खासकर रात के वक्त और धुंध में यहां का रास्ता किसी ‘मौत के जाल’ से कम नहीं है। जो लोग इस रास्ते से अनजान होते हैं या पहली बार गुजर रहे होते हैं, वे अक्सर धोखा खा जाते हैं और सीधे गड्ढे में गिर जाते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहां रात के समय आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। उनका कहना है कि यह अधूरा निर्माण कार्य अब राहगीरों की जान का दुश्मन बन चुका है। लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि या तो इस अधूरे पुल का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए या फिर तत्काल प्रभाव से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने गड्ढों के आसपास चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और चमकदार लाइट्स लगाने की मांग की है, ताकि घनी धुंध और रात के अंधेरे में वाहन चालकों को खतरा दूर से ही नजर आ सके और भविष्य में किसी अनहोनी को रोका जा सके।

In Jalandhar, an unfinished bridge has become a death trap: a car fell into a dug-up pit due to dense fog