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पंजाब में फिर भड़का किसान आंदोलन, धरने से पहले डल्लेवाल समेत कई बड़े नेता हाउस अरेस्ट; हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

अमृतसर: पंजाब में कर्जमाफी और वन टाइम सेटलमेंट (OTS) की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर उतरे किसान नेताओं के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर शिकंजा कस दिया है। भारतीय किसान यूनियन डल्लेवाल की ओर से आज फरीदकोट में बैंक के बाहर राज्य स्तरीय धरने का ऐलान किया गया था। इस प्रदर्शन से ठीक पहले सुबह-सुबह पंजाब पुलिस की टीमें अमृतसर देहात, तरनतारन, पट्टी, हरिके, फरीदकोट और फिरोजपुर समेत कई जिलों में किसान नेताओं के घरों पर पहुंच गईं। कई वरिष्ठ किसान नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया है, जबकि कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है, जिससे पूरे राज्य में माहौल गरमा गया है।

जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई प्रमुख चेहरे नजरबंद

पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान अमृतसर और आसपास के इलाकों में किसान संगठनों के शीर्ष नेताओं को बाहर निकलने से रोक दिया गया। नजरबंद और हिरासत में लिए गए प्रमुख नेताओं में जगजीत सिंह डल्लेवाल, काका कोटड़ा, बोहड़ सिंह और दीप मंड़ी शामिल हैं। नेताओं के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि वे फरीदकोट कूच न कर सकें। पुलिस की इस धरपकड़ के बाद ग्रामीण इलाकों में भारी तनाव का माहौल बन गया है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

डल्लेवाल की सरकार को दो टूक: आमरण अनशन से भी पीछे नहीं हटेंगे

अपने घर पर नजरबंद किए जाने के बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी दमन के दम पर किसानों की आवाज को कुचला नहीं जा सकता। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसान अपने हक और मांगों को लेकर किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। डल्लेवाल ने कहा कि अगर सरकार ने अपनी दमनकारी नीतियां बंद नहीं कीं, तो किसान भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे बड़े कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

धरना रोकने की साजिश का आरोप, आर-पार की रणनीति बनाने में जुटे संगठन

किसान संगठनों ने पंजाब सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई फरीदकोट में प्रस्तावित शांतिपूर्ण धरने को नाकाम करने के लिए की गई है। नेताओं का कहना है कि किसानों पर चढ़े कर्जों की माफी और बैंकों के साथ वन टाइम सेटलमेंट जैसी जायज मांगों को लेकर यह प्रदर्शन तय हुआ था। नेताओं की नजरबंदी और गिरफ्तारियों के बाद किसान यूनियनों में भारी आक्रोश फैल गया है और विभिन्न संगठन अब इस पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ लामबंद होकर राज्यव्यापी स्तर पर अगली रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

Farmers’ protest flares up again in Punjab; several key leaders, including Dallewal