-DIPS चेन में टीचर्स के लिए आयोजित की गई इफैक्टिव टीचिंग स्किल्स वर्कशाप
जालंधर (अमन बग्गा): बदलते समय के साथ न केवल हमारी ज्ञान बल्कि शिक्षा हासिल करने और बच्चों को शिक्षित करने के तरीके में भी काफी बदलाव आ गया है। इन्हें टीचिंग स्किल्स के बारे टीचर्स को जानकारी देने के लिए डिप्स मैनेजमेंट द्वारा टीचर्स के लिए इफैक्टिव टीचिंग स्किल्स वर्कशाप का आयोजन किया गया। इसमें सॉफ्ट स्किल्स एडवाइजर वैशाली श्योराण द्वारा टीचर्स को टिप्स दिए गए जिन्हें अपना कर वह न केवल अपने टीचिंग स्टाइल बल्कि अपनी पर्सनेलिटी में भी निखार ला सकते है। उन्होंने शुरूआत में बताया कि एक शिक्षक लीडर, ज्ञान बांटने वाले, मैंटोर, केयर देने वाला होता है इसलिए हमें सबसे पहले खुद की केयर करना और खुद का ज्ञान बढ़ाना आना चाहिए। अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए नई टैक्नोलॉजी के माध्यम से हम दुनिया भर की जानकारी हासिल कर सकते है।
उन्होंने कहा कि टीचर्स की अपने लिए भी खुद कुछ जिम्मेदारी बनती है इसले उन्हें अपनी मेंटल फिजिकल हेल्थ का पूरा ध्यान रखना चाहिए, स्ट्रेस कम करने के लिए रोजाना कुछ एक्सरसाइज करनी चाहिए। पर्सनैलिटी के लिए अपनी ड्रेसिंग यानी कि पहनावे पर ध्यान देना चाहिए। उनका पहनावा जितना अधिक प्रभावी होगा उतना ही वह खुद को कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। टीचिंग में कम्युनिकेशन एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है टीचर्स को एक्टिव लिस्नर होने के साथ-साथ इफेक्टिव प्रेजेंटेशनर भी होना चाहिए क्योंकि जब तक वह अपनी बात को प्रभावी बढ़िया उदाहरण के साथ पेश नहीं करेंगे तब तक विद्यार्थी आसानी से अपने विषय को समझ नहीं पाएंगे।
डिप्स की सीईओ मोनिका मंडोत्रा ने कहा कि एक अच्छे शिक्षक के लिए जरूरी है कि उनका विद्यार्थी उन पर विश्वास करें। कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को समझाने के लिए उन्हें टीचिंग के विभिन्न तरीकों को अपनाना चाहिए जिससे बच्चे विषय को समझ कर परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर सके। इसके अतिरिक्त बच्चों की वोकैबलरी यानी कि शब्द भंडार को बढ़ाने में मदद करनी चाहिए। कक्षा में न केवल उत्तम प्रदर्शन करने वाले बल्कि सभी विद्यार्थियों की समय-समय पर तारीफ कर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।
Effective Teaching Skills Workshop Organized for Teachers in DIPS Chain




