
जालंधर: सीबीआई द्वारा पैसे और सोने के साथ पकड़े गए डीआईजी हरचरण भुल्लर की गिरफ्तारी के मामले में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने पहली बार विजिलेंस पर उठे सवालों का जवाब दिया है। मंगलवार को जालंधर पीएपी कॉम्प्लेक्स में पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि डीआईजी भुल्लर मामले में उनकी विजिलेंस का कोई फेलियर नहीं है।
डीजीपी ने कहा कि भुल्लर का केस सीबीआई के पास है और इसकी जांच चल रही है, इसलिए वह इस पर्टिकुलर केस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

विजिलेंस के बचाव में डीजीपी गौरव यादव ने तीन अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और यह कार्रवाई हर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ जारी है।
उन्होंने कहा, “सरकार अपने मंत्रियों और एमएलए तक को नहीं बख्श रही। विजिलेंस काफी एक्टिव है। बीते दिनों का रिकॉर्ड देखें तो कई ऐसे अधिकारियों को पकड़ा गया है जो रिश्वतखोरी में लिप्त थे। कई ऐसे अफसर हैं जिनको डिसमिस किया गया है। विजिलेंस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।”
डीजीपी ने कहा कि जब से पंजाब सरकार आई है, भ्रष्टाचार को लेकर क्लियर पॉलिसी रही है और विजिलेंस ने कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जो उसके एक्टिव होने का सबूत है।
इससे पहले, डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पंजाब पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक देश में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 5800 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यापक कार्रवाई करने वाली पंजाब पुलिस देश की पहली पुलिस है। डीजीपी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई राज्य में माहौल बिगाड़ने के लिए लगातार सक्रिय है।
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DGP Gaurav Yadav’s first statement came to light




