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पंजाब के लिए खतरे का अलार्म: जालंधर-अमृतसर वाले हो जाएं सावधान, इन जिलों के लोगों को भी रहना होगा बेहद सतर्क, आपके पैरों के नीचे मंडरा रहा है बड़ा संकट!

चंडीगढ़: देश के भूकंपीय खतरे के नक्शे में बड़ा बदलाव हुआ है, जिसका सीधा असर पंजाब और हरियाणा पर पड़ने वाला है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने नया IS 1893 (2025) सीस्मिक मैप जारी किया है। नए मानकों के अनुसार, पंजाब के प्रमुख शहर अब पहले से ज्यादा संवेदनशील श्रेणी में आ गए हैं।

जालंधर और अमृतसर: बेहद उच्च जोखिम (Zone V)
नए नक्शे में पंजाब के दो सबसे प्रमुख शहरों जालंधर और अमृतसर को ज़ोन V (Zone V) में रखा गया है। यह ‘बेहद उच्च जोखिम’ वाली श्रेणी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ज़ोन में शामिल होने का मतलब है कि इन शहरों में बड़े और नुकसानदायक भूकंप आने की संभावना पहले से कहीं अधिक है। पंजाब के अलावा हरियाणा के अंबाला और करनाल को भी इसी हाई-रिस्क ज़ोन में शामिल किया गया है।

चंडीगढ़-पंचकूला सबसे खतरनाक ज़ोन VI में
सरकार ने पहली बार एक नया ‘ज़ोन VI’ बनाया है, जो देश का सबसे खतरनाक भूकंपीय क्षेत्र है। चंडीगढ़ और पंचकूला को इस सबसे खतरनाक ज़ोन में डाला गया है। यह क्षेत्र हिमालय की सक्रिय फॉल्ट लाइनों के बेहद करीब है, जहाँ भूकंप की तीव्रता सबसे ज्यादा हो सकती है।

घर बनाना होगा महंगा
ज़ोन V (जालंधर-अमृतसर) और ज़ोन VI (चंडीगढ़) में आने वाले इलाकों के लिए अब निर्माण के नियम बेहद सख्त कर दिए गए हैं। नई इमारतों, पुलों और अस्पतालों की नींव (Foundation) को अब 50% तक ज्यादा मजबूत बनाना होगा। इमारतों में लोहे/सरिये का इस्तेमाल दोगुना तक करना पड़ सकता है। सुरक्षा मानकों को पूरा करने के कारण निर्माण लागत में 10% से 20% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

एक नजर: देश में भूकंप के 5 ज़ोन

नए नक्शे के मुताबिक, अब देश की 75% आबादी सक्रिय भूकंप क्षेत्रों में रहती है। पुराने 4 ज़ोन की जगह अब 5 ज़ोन बनाए गए हैं:

ज़ोन VI (नया): सबसे अधिक खतरा (पूरा हिमालयी क्षेत्र, चंडीगढ़, पंचकूला)।

ज़ोन V: बेहद उच्च खतरा (जालंधर, अमृतसर, कच्छ, पूर्वोत्तर भारत)।

ज़ोन IV: उच्च खतरा (दिल्ली–एनसीआर सहित 18% भूमि)।

ज़ोन III: मध्यम खतरा (30% भूमि)।

ज़ोन II: सबसे कम खतरा (11% भूमि)।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पंजाब के संवेदनशील इलाकों में पुराने मकानों की जांच और नए निर्माण में कोताही न बरतना अब सुरक्षा के लिए अनिवार्य हो गया है।

Danger alarm for Punjab: Jalandhar-Amritsar residents should be cautious