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DIPS स्कूल में बच्चों को डेंगू मलेरिया के बारे में किया गया जागरूक

जालंधर (अमन बग्गा): डिप्स स्कूल रईया द्वारा बदलते हुए मौसम को ध्यान में रखते हुए स्कूल को सैनेटाइज करके बच्चों को डेंगू मलेरिया के बारे में जागरूक किया गया। मार्निंग असैम्बली में शिक्षा विभाग द्वारा दिए निर्देश अनुसार बच्चों को इनके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके बताए गए। सीनियर वर्ग के बच्चों ने पोस्टर बना कर जूनियर कक्षाओं को विद्यार्थियों को बताया कि छतो, गमलों और आसपास के गड्ढों में जलभराव होने से मच्छर पैदा होते है। इसलिए हमें अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और पानी भरने नहीं देना चाहिए। यहां पानी भरा हो वहां एंटी लार्वा या जला हुआ मोबिल ऑयल डालना चाहिए ताकि मच्छर पनप न सकें।

साइंस विभाग की एचओडी ने बच्चों को बताया कि तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ो में तेज दर्द, सिरदर्द, छाती पीठ पर लाल निशान, उल्टी और दस्त होने होना इसके लक्षण हो सकते है। इसमें बल्ड प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते है। ऐसा कोई भी लक्षण होने पर जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए और खून का टेस्ट करवाना चाहिए। प्रिंसिपल जगबीर सिंह ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि इस मौसम में पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें और लाइट कलर के कपड़ों को पहल देनी चाहिए जैसे की क्रीम, वाहइट, लाइट ब्लू, ग्रीन आदि। सुबह शाम के समय बाहर जाते हुए दवाइयों या स्प्रे का प्रयोग करें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे या शाम के समय कमरे की खिड़की बंद रखे। घर पर मच्छर मारने की दवाई का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि आप और आपका परिवार पूरी तरह स्वास्थ्य रहे।

Children were made aware about dengue malaria in DIPS school