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मंत्री कनाडा में तो पंजाब-दिल्ली के भत्ते कैसे मिले? हरजोत बैंस के विदेश दौरे पर HC में याचिका, सरकारी फंड के दुरुपयोग का आरोप

चंडीगढ़: पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के एक पुराने कनाडा दौरे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंत्री के विदेश दौरे और उस दौरान दिखाए गए स्थानीय सरकारी दौरों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में मंत्री की विदेश यात्रा के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी न लेने, रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और सार्वजनिक धन यानी टीए-डीए (यात्रा भत्ते) के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

कनाडा में थे मंत्री, रिकॉर्ड में पंजाब और दिल्ली के दौरे दर्ज
जालंधर निवासी करण प्रीत सिंह द्वारा दायर इस याचिका में केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि मंत्री बैंस 17 से 20 जनवरी 2024 तक कनाडा के निजी दौरे पर थे और इसके दस्तावेज भी मौजूद हैं। बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में इसी 17 से 20 जनवरी की अवधि के दौरान मंत्री की मौजूदगी चंडीगढ़, रोपड़, कीरतपुर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और दिल्ली के स्थानीय दौरों में दिखाई गई है। याचिका में सीधा सवाल उठाया गया है कि जब मंत्री उस समय सात समंदर पार कनाडा में थे, तो उसी तारीखों में पंजाब और दिल्ली के दौरों के सरकारी रिकॉर्ड कैसे तैयार हुए और यात्रा भत्ते कैसे लिए गए।

बिना केंद्र की मंजूरी के विदेश जाने का आरोप
याचिका में कहा गया है कि नियमों के तहत किसी भी राज्य सरकार के मंत्री को विदेश यात्रा पर जाने से पहले केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से विधिवत औपचारिक मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। आरोप है कि हरजोत सिंह बैंस के इस निजी दौरे के लिए केंद्र से ऐसी कोई जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्होंने इस अनियमितता को लेकर 9 मार्च 2025 को विदेश मंत्रालय से भी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें न्याय के लिए हाईकोर्ट की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी।

सरकारी खजाने के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की जांच की मांग
याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले को पद के दुरुपयोग, सरकारी दस्तावेजों में गलत ब्योरा दर्ज कराने और सरकारी खजाने को चूना लगाने से जुड़ा भ्रष्टाचार बताया है। अदालत से गुहार लगाई गई है कि मंत्री की विदेश यात्रा की औपचारिक मंजूरी, कनाडा में उनके ठहरने से जुड़े साक्ष्य और उसी दौरान स्थानीय दौरों के नाम पर लिए गए सरकारी भत्तों की किसी स्वतंत्र एजेंसी से गहन जांच कराई जाए।

हाईकोर्ट ने सरकार को पक्ष रखने का दिया निर्देश
मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल पंजाब सरकार को कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया है। हालांकि, अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करे। सरकार और संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब रिकॉर्ड पर आने के बाद ही अदालत अगली दिशा तय करेगी।

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