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स्पेन में जबरदस्ती घुसी 60 हजार मुसलमानों की भीड़, मचाया तांड़व, घरों में तोड़-फोड़; जला दी गाड़ियां- पुलिस बेबस

सेउटा: यूरोपीय देश स्पेन इन दिनों एक अभूतपूर्व और डरावने संकट का सामना कर रहा है। अपनी शांति और खूबसूरती के लिए मशहूर इस देश की सड़कों पर अब सिर्फ दहशत और अराजकता का मंजर दिखाई दे रहा है। मुस्लिम देश मोरक्को से समंदर के रास्ते स्पेन में घुसे करीब 60 हजार मुसलमानों ने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है। ये लोग बेहतर जिंदगी और नागरिकता की आस में अपनी जान जोखिम में डालकर यहां बिन-बुलाए मेहमान की तरह पहुंचे हैं, लेकिन अब इनकी भूख और हताशा ने हिंसक रूप ले लिया है। आम नागरिकों के घरों पर जबरन हमले किए जा रहे हैं, गाड़ियां फूंकी जा रही हैं और सरेआम दुकानों को लूटा जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने खोल दिए घुसपैठ के रास्ते

स्पेन में अचानक पैदा हुए इस भयंकर संकट के पीछे वहां की सुप्रीम कोर्ट का एक हालिया फैसला बताया जा रहा है। दरअसल, अदालत ने मानवीय आधार पर निर्देश दिया था कि अगर कोई व्यक्ति समंदर के रास्ते स्पेन की सीमा में दाखिल होता है, तो उसे तुरंत पकड़कर वापस नहीं भेजा जा सकता, जबकि जमीनी रास्ते से आने वालों पर यह छूट लागू नहीं थी। इसी फैसले को मोरक्को और अफ्रीकी देशों के लोगों ने एक सुनहरे मौके के तौर पर देखा। उन्हें लगा कि समंदर पार करते ही स्पेन की नागरिकता उनका इंतजार कर रही है, जिसके चलते हजारों की संख्या में लोग तैरकर या अपनी बनाई कच्ची नावों के सहारे सेउटा और मेलिला की सीमाओं में घुस आए। इस खतरनाक सफर में कई लोगों की डूबकर मौत भी हो गई।

एसी और खिड़कियों के रास्ते घरों में घुस रहे उपद्रवी, पुलिस बेबस

सेउटा शहर की हालत इस वक्त सबसे ज्यादा खराब है। यहां के समुद्री तटों से लेकर सड़क और पार्क तक इन अवैध घुसपैठियों से खचाखच भरे हुए हैं। कल रात से ही इस भीड़ ने स्थानीय लोगों के घरों और दुकानों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जिन लोगों ने डर के मारे अपने दरवाजे नहीं खोले, उपद्रवी उनके घर के दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर अंदर घुस गए। इमारतों पर चढ़कर एसी के रास्ते घरों में दाखिल होने की डरावनी तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। चूंकि देश की सेना और ज्यादातर पुलिस फोर्स बॉर्डर पर घुसपैठ रोकने में लगी है, इसलिए शहरों के भीतर इन लुटेरों को रोकने के लिए पर्याप्त जवान नहीं हैं।

यूरोपीय यूनियन का निवासी बनने की चाहत में मचा रहे बवाल

मोरक्को से स्पेन पहुंचने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है। इनका मुख्य मकसद स्पेन में घुसकर किसी भी तरह से यूरोपीय यूनियन (ईयू) का हिस्सा बनना है। ईयू का नियम है कि सदस्य देशों के बीच बिना किसी वीजा या पासपोर्ट के आवाजाही की जा सकती है। इसी बात का फायदा उठाने के लिए ये युवा स्पेन में दाखिल हुए हैं। अब ये गलियों में शोर मचाते और लोगों में खौफ पैदा करते हुए घूम रहे हैं। सरकारी संपत्तियों से लेकर निजी स्थानों तक, कोई भी जगह इनकी नजरों से बच नहीं पा रही है।

सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग, फ्रांस-इटली ने बढ़ाई सुरक्षा

हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि अब स्थानीय लोगों का सब्र भी जवाब देने लगा है। जहां कहीं भी ये घुसपैठिए एक-दो की संख्या में छिटपुट मिल रहे हैं, वहां स्पेनिश नागरिक खुद ही उनकी जमकर पिटाई कर रहे हैं। स्पेन की जनता इस पूरी अराजकता के लिए मोरक्को के राजा और डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रही है। देश की विपक्षी पार्टियों ने भी मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की है। स्पेन के इस भयावह मंजर को देखते हुए इटली और फ्रांस समेत अन्य यूरोपीय देशों ने अलर्ट जारी करते हुए अपने बॉर्डर पर सख्ती काफी ज्यादा बढ़ा दी है।

A mob of 60,000 Muslims forcibly entered Spain, wreaking havoc, vandalizing homes