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बेअदबी कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब के आगे झुकी मान सरकार, CM भगवंत मान ने किया ये बड़ा ऐलान

धूरी: पंजाब में बेअदबी से जुड़े नए कानून को लेकर छिड़े भारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक बड़ा बयान सामने आया है। सीएम मान ने साफ कर दिया है कि श्री अकाल तख्त साहिब से इस कानून को लेकर जो भी सुझाव या आपत्तियां आएंगी, राज्य सरकार उन पर पूरी गंभीरता के साथ विचार करेगी। बीते दिन विधायकों और मंत्रियों की पेशी के बाद अब सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आ रही है।

‘अकाल तख्त साहिब को मानते हैं सर्वोच्च’

संगरूर के धूरी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानती है। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब की तरफ से बेअदबी कानून को लेकर जो भी सुझाव या संशोधन सरकार को भेजे जाएंगे, उन्हें पहले बारीकी से देखा जाएगा और फिर पंजाब कैबिनेट की बैठक में उन पर विस्तार से विचार-विमर्श करके आगे का फैसला लिया जाएगा।

विधायकों की पेशी में दिखा पंथ का रुतबा, सरकार हुई एक्सपोज

गौरतलब है कि कल अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब पर सिख मंत्रियों और विधायकों की पेशी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, वह ‘पंथ’ को कतई नजरअंदाज नहीं कर सकती। पेशी के दौरान सभी दलों के सत्ताधारी और विपक्षी विधायक एक आम सिख की तरह 5 सिंह साहिबानों के सामने जमीन पर बैठे नजर आए। इस दौरान जत्थेदार के तीखे सवालों के आगे आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बेअदबी कानून को बिना पढ़े ही मंजूरी देने के मामले में पूरी तरह से एक्सपोज हो गई। जत्थेदार ने सरकार को पंजाब में पंथ की अहमियत का कड़ा पाठ पढ़ाया। इसके साथ ही जत्थेदार ने शिरोमणि अकाली दल को भी आड़े हाथों लिया, जबकि कांग्रेस खुद को इस पूरे विवाद और कानून से किनारे करने की जद्दोजहद में दिखी।

जत्थेदार ने दिया 1 महीने का अल्टीमेटम, कानून किया गया ‘होल्ड’

पेशी के दौरान जत्थेदार ने सरकार के मीडिया मैनेजमेंट को लेकर भी कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार को घेरा। अंत में जत्थेदार ने नए कानून पर 6 बड़े एतराज जताते हुए स्पष्ट कहा कि कानून बनाना और सजा देना सरकार का ही काम है, लेकिन ये आपत्तियां हर हाल में दूर होनी चाहिए। जत्थेदार ने सरकार को आपत्तियां दूर करने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है और तब तक के लिए इस कानून को होल्ड पर रखने का सख्त आदेश दिया है। अकाल तख्त साहिब से पेशी के बाद बाहर निकले पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जैसे ही लिखित रूप में आपत्तियां आएंगी, सरकार तुरंत उस पर चर्चा करेगी और उसके बाद ही कानून में जरूरी बदलावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

Mann government bows to demands regarding the sacrilege law; CM Bhagwant Mann makes a major announcement.