लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना में नशा विरोधी एक नई और खास मुहिम ‘सूरमा’ का आगाज किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य से नशे के खात्मे को बढ़ावा देना और भटके हुए युवाओं को सही रास्ते पर वापस लाना है। इस खास मौके पर सीएम मान ने उन युवाओं को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से नशे जैसी भयानक बीमारी को मात दी है। मुख्यमंत्री ने नशा छोड़ने वाले इन युवाओं की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें ‘सूरमा’ (योद्धा) की उपाधि दी और सम्मान के तौर पर एक विशेष अंगूठी भी पहनाई।
युवाओं के रोजगार में सरकार करेगी पूरी मदद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि नशा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले जो भी युवा अपना खुद का कोई काम या रोजगार शुरू करना चाहते हैं, पंजाब सरकार उनकी हर संभव आर्थिक और प्रशासनिक मदद करेगी। सीएम ने कहा कि नशा छोड़ चुके ये युवा आज समाज में दूसरों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गए हैं और वो खुद किसी सच्चे ‘सूरमा’ से कम नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंच से यह दावा भी किया कि पंजाब अब नशे के दलदल से बाहर निकलकर एक बार फिर से खुशहाली के रास्ते पर चलकर ‘रंगला पंजाब’ बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रवनीत बिट्टू ने सीएम मान पर साधा सीधा निशाना
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान नशा विरोधी मुहिम को लेकर अपनी सरकार की पीठ थपथपा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर सूबे में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सीएम मान के इन तमाम दावों पर जोरदार और तीखा पलटवार किया है। बिट्टू ने मुख्यमंत्री पर सीधा व्यक्तिगत हमला बोलते हुए तंज कसा कि दूसरों को सीख देने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी गंदी आदतें छोड़कर खुद ‘सूरमा’ बनकर दिखाएं। केंद्रीय मंत्री के इस तीखे बयान के बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर से नई बहस छिड़ गई है।


CM Mann presented rings to those who quit drugs; Ravneet Bittu took a sharp dig








