जालंधर: जालंधर पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पैसों के लालच में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तीन स्थानीय युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये युवक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आए थे और देश की अति-संवेदनशील खुफिया जानकारियां सीमा पार भेज रहे थे। जालंधर पुलिस ने इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर कर रहे थे काम
जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि डीसीपी, एडीसीपी और डीएसपी इन्वेस्टिगेशन की एक विशेष टीम ने इस अहम ऑपरेशन को अंजाम दिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह (पुत्र हरदेव सिंह), भगत वर्मा और सचिन खोसला के रूप में हुई है, जो जालंधर के ही रहने वाले हैं। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये तीनों आरोपी पाकिस्तान में बैठे शहजाद पट्टी और समाज गुर्जर जैसे भारत विरोधी तत्वों के इशारे पर काम कर रहे थे।
देश के अहम ठिकानों की करते थे रेकी
यह मॉड्यूल बेहद शातिराना तरीके से काम कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी जाकर सरकारी और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण इमारतों की रेकी की थी। इन संवेदनशील और सुरक्षित ठिकानों की तस्वीरें, नक्शे और अन्य खुफिया जानकारियां जुटाकर ये आरोपी सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचाते थे।
सोशल मीडिया का जाल और विदेशी फंडिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये तीनों युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में आए थे। इन देश विरोधी गतिविधियों और खुफिया जानकारियां भेजने के एवज में इन्हें विदेशों से लगातार फंडिंग की जा रही थी। जालंधर पुलिस के हाथ आरोपियों के बैंक खातों और चैट रिकॉर्ड समेत कई पुख्ता सबूत लगे हैं, जो विदेशी लेन-देन और इस गहरे पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि करते हैं।
UAPA के तहत दर्ज हुआ केस, और गिरफ्तारियों के आसार
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस ने आरोपियों पर यूएपीए जैसी सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती दौर में है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर कई अहम साक्ष्यों और जानकारियों को गुप्त रखा गया है। पुलिस यह मानकर चल रही है कि इस नेटवर्क में और भी स्लीपर सेल या स्थानीय लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।


Three Pakistani spies arrested in Jalandhar for selling out the country for money




