चंडीगढ़/गुरुग्राम: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक विवादित वायरल वीडियो के मामले में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में खलबली मचा दी है। हरियाणा के एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी ने आरोप लगाया है कि सीएम के वीडियो को फर्जी यानी ‘डीपफेक’ साबित करने के लिए पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारियों ने गुरुग्राम के एक आलीशान फाइव स्टार होटल में पूरी प्लानिंग के साथ सीक्रेट मीटिंग की। दावा किया जा रहा है कि इस मीटिंग में 10 लाख रुपये की डील हुई और एक मनगढ़ंत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई गई। इस सनसनीखेज खुलासे को और पुख्ता करने के लिए 16 जून 2026 का एक CCTV फुटेज और कुछ संदिग्ध वॉट्सऐप चैट्स भी सामने आए हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मीडिया इन वायरल फुटेज और वॉट्सऐप चैट्स की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
On 15 June, after the Akal Takht Sahib’s order against Bhagwanta, Bhagwanta gave a task to Ludhiana CP Swapan Sharma and SP Jashandeep to prepare a fake forensic report in his favour.On 16 June, Swapan Sharma and Jashandeep came to Gurugram and met the owners of a forensic lab… pic.twitter.com/xf7YsIh9xk
— Tajinder Bagga (@TajinderBagga) June 23, 2026
CCTV में पुलिस कमिश्नर और SP के होने का दावा
सामने आए CCTV फुटेज में दावा किया जा रहा है कि 16 जून को सुबह 10 बजे होटल क्राउन प्लाजा में पांच लोग बैठकर सीक्रेट बातचीत कर रहे हैं। इस मीटिंग में शिकायतकर्ता जसप्रीत जस्सी के अलावा दो अन्य लोग पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारी बताए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि ये अधिकारी लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा और SP जशनदीप गिल थे। आरोप है कि यह पूरी मीटिंग सीएम भगवंत मान के वीडियो की जांच को प्रभावित करने और उसे गलत साबित करने के लिए एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाने के मकसद से रची गई थी। जसप्रीत सिंह ने एक वीडियो जारी कर यह भी आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस के इन 2 अफसरों ने 10 लाख रुपये में यह पूरी डील फाइनल की थी।
वॉट्सऐप चैट: ‘पैराग्राफ हटाओ, रिपोर्ट में बदलाव करो’
CCTV फुटेज के साथ-साथ इस मामले से जुड़ी कुछ संदिग्ध वॉट्सऐप चैट्स ने भी आग में घी डालने का काम किया है। मोबाइल में ‘SP जश्न गिल पंजाब’ के नाम से सेव नंबर से रिपोर्ट तैयार करने और उसमें मनमाफिक बदलाव कराने को लेकर हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। चैट में स्पष्ट तौर पर पेज-3 से एक खास पैराग्राफ हटाने, रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए टूल्स को जोड़ने और कन्क्लूजन (निष्कर्ष) को सीएम के पक्ष में बेहतर बनाने जैसी बातें लिखी गई हैं। एक मैसेज में तो यहां तक लिखा गया है कि भगवंत मान के वीडियो से जुड़ी क्वेरी को रिपोर्ट में शामिल कर उसे पूरी तरह से “डिनाय” (नकारना) कर दिया जाए। एक जगह “डिनायल” को लेकर मजबूत बयान लिखवाने का भी जिक्र है।
गुरुग्राम पुलिस ने दर्ज की FIR, दो युवक गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मंगलवार को गुरुग्राम पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। गिरफ्तार किए गए युवक अंकित (जींद) और अरुण (सिरसा) के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता जसप्रीत का दावा है कि जो दो फॉरेंसिक रिपोर्ट ‘साइबर यान’ और ‘सिफर सेंटिनल लैब’ से तैयार करवाई गई थीं, वे दोनों ही सरकारी मान्यता प्राप्त लैब नहीं हैं।
SGPC और अकाल तख्त ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस खुलासे के बाद धार्मिक और सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रवक्ता भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने सख्त लहजे में कहा है कि झूठी रिपोर्ट तैयार करने और करवाने वाले अधिकारियों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न बैठे हों। वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय के मीडिया एडवाइजर जसकरण सिंह ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने वाले को हमेशा इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं, और यह इतिहास रहा है। इस मामले में अब आगे क्या कानूनी और सियासी कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
मेरे खिलाफ रची जा रही गहरी साजिश: CM मान
विवादित वीडियो को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और राजनीतिक बवाल के बीच अब खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। सीएम मान ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और नकली करार दिया है। उन्होंने इस पूरी घटना के पीछे एक गहरी राजनीतिक साजिश होने का सनसनीखेज दावा करते हुए अपने विरोधियों को आड़े हाथों लिया है। विरोधियों पर तीखा जुबानी हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अब उन्हें घेरने के लिए बेहद घटिया स्तर के सियासी हथकंडों पर उतर आए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राज्य की तीनों प्रमुख विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश रच रही हैं। सीएम मान ने सख्त लहजे में कहा कि जब इन विरोधियों को उनके खिलाफ कोई भी राजनीतिक या व्यक्तिगत मुद्दा नहीं मिल सका, तो अब वे जानबूझकर इस तरह के मनगढ़ंत और नकली वीडियो का सहारा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसके पीछे का मुख्य मकसद उन्हें धार्मिक तौर पर निशाना बनाना और उनकी छवि को जनता के बीच खराब करना है।
SP जश्नदीप गिल की व्हाट्सएप चैट होने का दावा, जांच के बाद होगी सत्यता की पुष्टि

इस पूरे मामले में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR



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